कश्मीर में एक सभा के दौरान फारूक, उमर और गुलाम नबी आजाद
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कश्मीर के माहौल से लोकसभा उप चुनाव की दो सीटों पर पार्टियां खुलकर प्रचार अभियान नहीं कर पाई हैं। पार्टियों की कोशिश रही है कि ज्यादातर बयानबाजी से ही माहौल बनाया जाए। कोई बड़ी रैली या सभा का आयोजन करने से पार्टियां परहेज ही कर रही है।
छोटी छोटी रैलियों से ही प्रचार किया जा रहा है। किसी भी पार्टी के चुनाव प्रचार में हजारों लोगों की भीड़ नहीं दिखी है। पीडीपी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में ज्यादातर चुनाव प्रचार पार्टी कार्यकर्ताओं का जिला स्तर पर अधिवेशन बुलाकर किया है।
इसी तरह कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं में गुलाम नबी आजाद भी घाटी में चुनाव प्रचार करने तो आए लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को ही संबोधित किया गया। बाजार में बाहर निकलकर चुनाव प्रचार करने में हालात की वजह से एहतियात ही बरती जा रही है।