जम्मू-कश्मीर में सरकारी स्कूलों के प्रति अब लोगों की सोच बदलने लगी है। सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार और बुनियादी ढांचे को देखते हुए अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला निजी के बजाय सरकारी स्कूलों में करवा रहे हैं। समर जोन के स्कूलों में 2.73 फीसदी नामांकन बढ़ा है। शैक्षणिक सत्र 2019-20 के मुकाबले 2021-22 में 23579 बच्चों का दाखिला अब सरकारी तक स्कूलों में हुआ है।
जम्मू संभाग में कुल 12322 सरकारी स्कूल हैं। इनमें 6,67858 बच्चे पंजीकृत हैं। 2019-2020 के शैक्षणिक सत्र की बात करें तो इसमें कुल 644279 बच्चे पंजीकृत थे। यह संख्या शैक्षणिक सत्र 2021-22 अब तक बढ़कर 667858 पहुंच गई है। यानी कोविड के बावजूद 23579 बच्चों ने सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है। इसमें बड़ी संख्या वे बच्चे है जो पहले निजी स्कूलों में पढ़ते थे।
परिवार की आर्थिक तंगी सहित अन्य कारणों से अब अभिभावक बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला करवा रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए कई पहल शुरू की हैं। इसमें आओ स्कूल चलें हम कार्यक्रम भी शामिल हैं। इसके साथ सरकारी स्कूलों की शिक्षक अपने कार्यस्थल के क्षेत्र में घर-घर जाकर, रैली निकाली अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सुधार के साथ-साथ अन्य लाभों के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में दाखिले को दस फीसदी तक बढ़ाने के लक्ष्य के साथ सरकार और विभाग काम कर रहा हैं।
संभाग में 2276 किंडरगार्टन खुले
स्कूल शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में किंडरगार्टन खोले हैं। जम्मू संभाग में 2,276 किंडरगार्टन स्कूल खुले हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने संभाग के सभी स्कूलों में किंडरगार्टन शुरू किए हैं। इस शैक्षणिक सत्र से इन स्कूलों में बच्चों का दाखिला शुरू हो गया है।
सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है। इसके सकारात्मक नतीजे भी दिख रहे हैं। विद्यार्थियों में बढ़ोतरी देखी गई है। विभाग ने इसके लिए कई कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। - डॉ. रवि शंकर शर्मा, निदेशक स्कूल शिक्षा निदेशालय, जम्मू।