जम्मू विश्वविद्यालय ने जम्मू संभाग के दस जिलों के 11 कॉलेजों में नोडल केंद्र स्थापित किए हैं। जहां यूजी तीसरे और पांचवें सेमेस्टर के छात्रों के पेपरों की जांच की जाएगी। छात्रों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड से परीक्षा देने का प्रावधान रखा गया है। छात्र किसी एक मोड से परीक्षा दें सकेंगे। इसमें छात्रों को विकल्प दिया गया है।
बुधवार को विवि के अधीन तमाम कॉलेजों में यूजी पहले सेमेस्टर की परीक्षा इसी तर्ज पर हुई। छात्रों अपने इच्छा से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड से परीक्षा दी। विवि की ओर से मिली जानकारी के अनुसार 11 नोडल केंद्रों में डिग्री कॉलेज अखनूर, आरएस पुरा, सांबा, कठुआ ब्वॉयज, उधमपुर ब्वॉयज गर्ल्ज, रियासी, भद्रवाह, किश्तवाड़, रामबन, राजोरी और पुुंछ कॉलेज शामिल हैं।
अखनूर कॉलेज के अधीन जीडीसी ज्यौड़ियां, मढ़, पलौड़ा, खौड़ कॉलेज, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस पटोली, महिला कॉलेज भगवती नगर, त्रिकूटा डिग्री कॉलेज नारदानी और नगरोटा कॉलेज हैं। वहीं आरएस पुरा कॉलेज के अधीन जीडीसी बिश्नाह, कुंजवानी, जेके कॉलेज ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशन एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कुंजवानी, जीडीसी सिद्दड़ा, डोगरा कॉलेज ऑफ एजुकेशन बाड़ी ब्राह्मणा है।
सांबा कॉलेज के अधीन जीडीसी हीरानगर गंगवाल, रामगढ़, विजयपुर, भार्गव डिग्री कॉलेज सांबा और पुरमंडल डिग्री कॉलेज हैं। डिग्री कॉलेज ब्वायज कठुआ के अधीन महिला कॉलेज कठुआ, जीडीसी बसोहली, बनी, बिलावर, महानपुर, न्यू एज डिफेंस कॉलेज फिंथर, राजीव गांधी डिग्री कॉलेज मरहीन और रामकोट कॉलेज हैं।
डिग्री कॉलेज उधमपुर के अधीन महिला एवं ब्वायज डिग्री कॉलेज, रामनगर, जिंदरा, मजालता, चिनैनी, नीली नाला, भास्कर डिग्री कॉलेज उधमपुर व डुड्डु बसंतगढ़ डिग्री कॉलेज हैं। जीडीसी रियासी के अधीन धरमड़ी, सरग बागा माहौर, कटड़ा, पौनी कॉलेज हैं।
पीजी कॉलेज भद्रवाह के अधीन जीडीसी डोडा, किलहोतरान, ठाठरी, काश्तीगढ़ और भद्रवाह कैंपस हैं। जीडीसी किश्तवाड़ के अधीन छात्रू, मड़वा व जीडीसी पाडर हैं। इसके अलावा रामबन कॉलेज के अधीन जीडीसी बनिहाल, गूल, बटोत व उकराल डिग्री कॉलेज हैं।
राजोरी कॉलेज को थन्नामंडी, नौशेरा, बुद्धल, सुंदरबनी, कालाकोट, एसवीएस महिला डिग्री कॉलेज सुंदरबनी, जीडीसी धरल, कोटरंका और दोंगी कॉलेज हैं। जीडीसी पुंछ के अधान सुरनकोट, मेंढर और जीडीसी मंडी कॉलेज है। इनमें छात्रों के पेपर चैक होंगे।
सूत्रों के मुताबिक छात्र जिन कॉलेजों में पढ़ाई करते हैं। वे परीक्षा भी वहीं देंगे। कई कॉलेजों में परीक्षा नियंत्रक समिति भी गठित की जा रही है, जो पेपरों की कोडिंग कर उत्तर पुस्तिका को शिक्षकों को सौंपेंगी। बता दें, कोरोना महामारी के चलते छात्रों की पढ़ाई ऑनलाइन हुई थी।
जब विवि ने ऑफलाइन परीक्षाओं संबंधी डेटशीट जारी की तो छात्रों ने विरोध जताना शुरू कर दिया था। इसी के चलते विवि प्रशासन ने छात्रों को राहत दी है। 66.66 फीसदी लिखित और 33.33 फीसदी मौखिक परीक्षा होगी। असफल होने वाले छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है।