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दिवाली पर गोलाबारी से सहमे सीमावर्ती ग्रामीण

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दिवाली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कश्मीर दौरे से ठीक पहले पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी होने से सीमावर्ती ग्रामीण एक बार फिर सहम गए हैं। इस हाल में ग्रामीण घरों में दीये जलाने से भी परहेज कर रहे हैं। सीमा से सटे गांवों में दहशत का आलम यह है कि दिवाली पर भी गलियों में चहल-पहल दिखाई नहीं दे रही है।
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बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार अब तक शिविरों में रह रहे हैं। मंगा राम, कस्तूरी लाल, सरपंच चौधरी बचन लाल का कहना है कि दिवाली पर वह अपने घरों को रोशन कर पाएंगे भी या नहीं। वह घरों में ही दिवाली मनाना चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान गोलाबारी के बीच यह मुमकिन नहीं लगता। उनका कहना है कि जान जोखिम में डालकर दिवाली पर गांव में नहीं रहना चाहता।

प्रशासन भी अभी शिविरों में ही रहने के लिए कहा है। उधर, पाकिस्तानी सेना और रेंजर मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकरों से सूचना देकर अपने क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाने के लिए कह रहे हैं। सुचेतगढ़ पंचायत के सरपंच सवर्ण लाल भगत, नई बस्ती गुलाबगढ़ के सरपंच चौधरी अर्जुन सिंह का कहना है कि पाकिस्तान पर भरोसा करना ठीक नहीं है। बेहतर होगा कि लोग शिविरों में ही दिवाली मनाएं।
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पौने दस बजे छोटे से लेकर बड़े हथियारों से गोलाबारी शुरू की

पाकिस्तान ने सुबह पौने दस बजे छोटे से लेकर बड़े हथियारों से गोलाबारी शुरू की। पाकिस्तानी रेंजरों ने अपनी अशरफ पोस्ट से रामगढ़ सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल की नारायणपुर को निशाना बनाया। गोलाबारी दोपहर सवा एक बजे तक चली। सीमा पर माहौल फिर बिगड़ने से बीएसएफ ने सीमा से सटे दर्जनों गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने के लिए कहा है।

अरनिया सेक्टर में मंगलवार की रात करीब साढ़े दस बजे टेंट गार्ड चौकी के नाका नच-टू पर तीन से अधिक फायर किए गए। सुरक्षा बलों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। इसके बाद रात करीब साढे़ बारह बजे पाकिस्तान ने फिर इस पोस्ट पर गोलाबारी की। इसका भी भारत ने कड़ा जवाब दिया। इधर, बुधवार पूर्वाह्न 11.25 पर पाकिस्तान ने अपनी न्यू अवाम पोस्ट से स्टाप टू चौक पर फायरिंग की। ये गोले सीमावर्ती खेतों में गिरे।

ग्रामीणों का कहना है कि पाकिस्तान इसलिए भी गोलाबारी कर रहा है कि किसान अपनी पकी फसल को काट नहीं सकें और वह खेतों में ही बर्बाद हो जाए। पाकिस्तान नहीं चाहता है कि किसान सीमा से सटे खेतों में खेतीबाड़ी कर सकें। गोलाबारी कर वह किसानों को दहशत में रखना चाहता है।
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