अमरनाथ यात्रा 2 जुलाई से शुरु हो रही है।
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श्री अमरनाथ यात्रा के भक्तों के लिए खुशखबरी है। मौसम विभाग की मानें तो मार्च-अप्रैल में बारिश के साथ अच्छी बर्फबारी होगी। इससे पवित्र गुफा में हिमलिंग विकसित होंगे। दोनों माह में थोड़े अंतराल के बाद निरंतर बारिश और बर्फबारी होगी।
श्री अमरनाथ गुफा के बेस कैंप पहलगाम में फरवरी में सामान्य से अधिक बारिश/बर्फबारी हुई है। कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में भी बर्फबारी का असर दिखेगा। मौसम विभाग श्रीनगर के निदेशक सोनम लोटस के अनुसार पवित्र हिमलिंग के लिए मार्च और अप्रैल माह की बर्फबारी फायदेमंद साबित होगी। मार्च के बाद अप्रैल में भी मौसम में बदलाव जारी रहेगा।
अगले 72 घंटों में रियासत में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा सहित बालटाल और पहलगाम के पहाड़ों पर जनवरी 2015 के मुकाबले इस बार अधिक बारिश/बर्फबारी हुई।
पहलगाम में रात का न्यूनतम तापमान अब शून्य के आसपास चल रहा है।
दो जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा 48 दिन चलेगी
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पहलगाम में जनवरी में 45.4 (सामान्य 66.9) मिलीमीटर, फरवरी में 72.6 मिलीमीटर (सामान्य 65.3) बारिश/बर्फबारी हुई, जिससे मार्च और अप्रैल माह में भी सामान्य से अधिक बारिश/बर्फबारी के आसार हैं।
मौसम विभाग श्रीनगर के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2014 को पहलगाम में न के बराबर बर्फबारी हुई थी, लेकिन वर्ष 2015 में यह आंकड़ा बढ़कर 31.8 मिलीमीटर बारिश/बर्फबारी दर्ज किया गया। वर्ष 2015 में जनवरी में 30.7 मिमी, फरवरी में 255.2, मार्च में 304 और अप्रैल में 227 मिमी बारिश/बर्फबारी हुई।
फरवरी में पहलगाम और बालटाल में दिन के पारे में उछाल आया था। मौसम में आए बदलाव से रात का न्यूनतम तापमान अब शून्य के आसपास चल रहा है। 0-1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने पर बर्फबारी होती है। दो जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा 48 दिन चलेगी।