जम्मू -कश्मीर निवासी मोहन सिंह सलाथिया देश के अन्य हिस्सों में डोगरी के प्रचार प्रसार को बढ़ावा देने लंबे समय से काम कर रहे हैं। संविधान की आठवें अनुसूचित में डोगरी को शामिल करने के संघर्ष में मोहन सिंह मुख्य भूमिका निभाने वालों में से एक थे।
जम्मू के साहित्यकार मोहन सिंह सलाथिया को बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म श्री से सम्मानित किया। डुग्गर मंच के अध्यक्ष मोहन सिंह (67) निवासी गुढ़ा सलाथिया के रहने वाले है।
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जम्मू -कश्मीर के साथ देश के अन्य हिस्सों में डोगरी के प्रचार प्रसार को बढ़ावा देने का वह लंबे समय से काम कर रहे हैं। संविधान की आठवें अनुसूचित में डोगरी को शामिल करने के संघर्ष में मोहन सिंह मुख्य भूमिका निभाने वालों में से एक थे।
उन्होंने गांव-गांव जाकर नुक्कड़ नाटक की शुरूआत की। डोगरी नाटक थियेटर और साहित्य के काम करने वाले मोहन सिंह ने विख्यात लेखक केरी सिंह मधुकर से 1972 में अपने साहित्य कॅरिअर की शुरूआत की थी। उनकी डोगरी भाषा में 32 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दी बधाई
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पदमश्री पुरस्कार मिलने पर साहित्यकार मोहन सिंह सलाथिया को बधाई दी है। सिंह ने कहा हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में योग्य लोगों को प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।