उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कब्जाई गई छह लाख कनाल सरकारी भूमि को खाली करवा लिया गया है। जो कुछ लोग बचे हैं वे ये न समझें कि हमने अभियान बंद कर दिया है। कब्जा करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।
ई सुशासन में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष पर हैं। 445 सेवाएं आनलाइन मोड पर हैं। जनता से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए आटोमेटिक अपील प्रणाली से 40 सेवाओं को इसी माह के अंत तक जोड़ने की कोशिश की जा रही है। मौजूदा आठ सेवाएं आनलाइन कर चुके हैं।
एलजी ने कहा, आज देश में समग्र विकास के नए सपने को गरीब आदमी भी देख रहा है। सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं ने क्रांतिकारी बदलाव लाया है। पारदर्शिता को लेकर देश के किसी भी राज्य में उच्च मानदंड जम्मू-कश्मीर में हैं।
प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है। इस साल 70 हजार परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। उनको दिक्कत हो रही जो बिना मंजूरी और निविदा के काम करते थे। कृषि क्षेत्र के विस्तार के लिए 5013 करोड़ खर्च किए जा रहे है।
लोगों को हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू भाषा में भूमि पासबुक उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने संपत्ति कर की ओर इशारा करते हुए कहा कि अच्छी सेवा के लिए लोगों को थोड़ा से भुगतान भी करना होगा। जम्मू और श्रीनगर में दो आईटी टॉवर बनने जा रहे हैं।
एलजी ने कहा कि 2047 में जब हम स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएंगे, भारत के पास दुनिया का सबसे युवा और सबसे कुशल कार्यबल होगा। जम्मू-कश्मीर ने चौतरफा महत्वपूर्ण प्रगति की है। एलजी ने अमृत काल और पीएम नरेंद्र मोदी के पंच प्रण के बारे में कहा, इन पांच संकल्पों में देश को विकसित भारत के रूप में आगे बढ़ाना है।
इसके अलावा गुलामी की मानसिकता को खत्म करना, भारत की विरासत पर गर्व करना, एकता और एकजुटता की ताकत और राष्ट्र के प्रति नागरिकों के कर्तव्य, भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनाना शामिल है। आज हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और अगले 25 वर्षों में हम 26 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होंगे।