प्रोसिक्यूटिंग अफसर की परीक्षा के संबंध में जम्मू के अलावा कश्मीर से दायर कई एलपीए को समाप्त करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने गलत विकल्प वाले दो सवालों में सभी परीक्षार्थियों को पूरे अंक देने के आदेश दिए।
चीफ जस्टिस एन पाल वसंथाकुमार और जस्टिस बंसी लाल भट की खंडपीठ ने पाया कि कुल 45 सवालों में से 26 और 39 नंबर के सवाल का गलत विकल्प दर्शाया गया था।
अदालत ने कहा कि इन सवालों में से एक भी सवाल करने वाले परीक्षार्थी को पूरे अंक दिए जाएं। अदालत ने कहा कि सरकार नई मेरिट लिस्ट बनाए और उसके आधार पर यदि कोई वाइवा टेस्ट के लिए अंक अर्जित करता है तो उसे बुलाया जाए और तभी अंतिम चयन किया जाए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि दायर तमाम याचिकाओं में प्रतिवादी द्वारा 14 अप्रैल 2015 को ली गई परीक्षा रद्द करने की मांग की गई। साथ ही 20 जून को की गई शार्ट लिस्ट को भी रद्द किया जाए।
वाइवा कम पर्सनैलिटी असेस्मेंट टेस्ट के आधार पर नए सिरे से लिखित परीक्षा ली जाए। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ताओं का कहना था कि दस सवाल सिलेबस के बाहर से रहे। इनमें से सवाल संख्या 4, 39 और 42 गलत थे।
सवाल 26 का विकल्प गलत दर्शाया गया। सवाल 28, 31 , 35 में दो या उससे ज्यादा विकल्प थे। वाइवा टेस् के लिए पात्र प्रतिभागियों की अलग शार्ट लिस्ट निकालने पर भी सवाल खड़ा किया गया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कई अन्य सवाल भी खड़े किए गए। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए खंडपीठ ने सभी एलपीए को बंद करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए।