जम्मू। वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों तथा 1947, 1965 व 1971 के विस्थापितों को प्रधानमंत्री पैकेज के तहत राहत राशि वितरण में देरी पर सरकार गंभीर है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने गांव-गांव कैंप लगाकर लाभार्थियों के आवेदन लेने तथा उनके दावे का निपटारा करने की हिदायत दी है।
मंडलायुक्त डा. राघव लंगर ने जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी व उधमपुर के डीसी, संभागीय राहत अधिकारी, एडीसी कस्टोडियन के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये राहत वितरण की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान सभी डीसी ने अपने जिले के रिफ्यूजी तथा विस्थापितों की संख्या, प्राप्त आवेदन की संख्या, मंजूर आवेदनों की संख्या तथा संस्तुत मामलों की जानकारी दी। यह भी बताया गया कि जिले में लाभार्थी परिवारों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। मंडलायुक्त ने जिले में छूट गए परिवारों के सत्यापन के काम में तेजी लाने की हिदायत दी। साथ ही हिदायत दी कि प्रधानमंत्री विकास पैकेज तथा एकमुश्त समाधान योजना के तहत राहत राशि वितरण के लिए जिन मामलों में प्रक्रिया पूरी कर ली गई है उन्हें मंडलायुक्त कार्यालय में भेजा जाए। उन्होंने हिदायत दी कि उप राज्यपाल की प्राथमिकता राहत राशि वितरण है। इसलिए इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।
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घर-घर अभियान चलाकर करें जागरूक
मंडलायुक्त ने यह भी हिदायत दी कि लाभार्थियों को जागरूक करने, उनके आवेदन प्राप्त करने के लिए घर-घर अभियान चलाया जाए ताकि कोई भी लाभार्थी छूट न पाए। उन्होंने इससे सभी प्रकार की जानकारियां वेबसाइट पर भी अपडेट करने को कहा।