फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम मोदी के इस एक फैसले से भारत पाक सरहद पर बंद हो गयी फायरिंग

Tue, 20 Dec 2016 05:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
narendra modi - फोटो : File Photo
विज्ञापन
पुराने नोटों के बंद होने के बाद कश्मीर में उपद्रवियों का शोर और सीमा पर पाक की बंदूकों का शोर खामोश सा हो गया है। कश्मीर घाटी में होने वाली हिंसक घटनाओं, आतंकी हमलों और जम्मू संभाग में होने वाली पाक गोलाबारी की घटनाओं में कमी आई है।
विज्ञापन


हालांकि नोटबंदी के बाद आतंकी वारदातों में भारतीय सेना के जवानों की शहादत ज्यादा हुई है। नोटबंदी के 40 दिन के पहले और इसके बाद के 40 दिनों में यह सब घटनाएं कम हुई है। इससे साफ है कि नोटबंदी ने कश्मीर में हिंसा और पाक गोलाबारी की घटनाओं पर ब्रेक लगा दी है।

28 सितंबर 2016 से 7 नवंबर तक घाटी में 16 बार हिंसक घटनाएं हुई। इनमें 6 स्कूल फूंके गए, पांच वाहन जलाए, चार पंचायत घर फूंके, सुरक्षाबलों पर पथराव किया गया।
विज्ञापन

नोटबंदी के बाद हुए 5 आतंकी हमले

नोटबंदी के बाद हुए 5 आतंकी हमले - फोटो : Demp Pic.
इसके अलावा जम्मू, पुंछ, राजोरी, कुपवाड़ा, सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में एलओसी और आईबी पर 15 बार पाकिस्तान की तरफ गोलाबारी हुई। 10 आतंकी हमले हुए और इनमें 11 जवान शहीद हो गए। तीन बार सुरक्षाबलों से हथियार लूटने की घटनाएं हुई। 8 नवंबर के बाद घाटी में हिंसा की सिर्फ 3 घटनाएं हुई।

8 बार पाक गोलाबारी एलओसी और आईबी पर हुई। 5 बार आतंकी हमले हुए। हालांकि नगरोटा हमले में दो अधिकारियों समेत 7 सैन्य कर्मी शहीद हो गए। इनको मिलाकर 8 नवंबर के बाद अब तक 17 जवान शहीद हो गए हैं। 
विज्ञापन

हथियारों की जगह बैंकों में लूट

J&K BANK - फोटो : File Photo
नोटबंदी के पहले 40 दिन और बाद के 40 दिन में एक बड़ा अंतर सामने आया है। पहले आतंकी सुरक्षाबलों से हथियार लूट रहे थे। अब बैंकों को लूट रहे हैं।

नोटबंदी से पहले के 40 दिन में तीन बार सुरक्षाबलों से हथियार लूटे गए। नोटबंदी के 40 दिन बाद पांच बार बैंकों को लूटा गया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें