नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने फूड सिक्योरिटी बिल को लेकर मुफ्ती सरकार पर निशाना साधा है।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी-भाजपा गठबंधन पर लोगों को लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लोगों से न्यूनतम आवश्यक राशन के अधिकार को छीन रही है।
प्रमुख विपक्षी दल नेकां और अलगावदियों का आरोप है पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के इस निर्णय से राज्य की एक बड़ी जनसख्या सब्सिडी वाले खाद्यान्न से वंचित हो जाएगी।
सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व वाली कट्टरपंथी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने कहा कि इस संबंध में लोगों की आपत्तियों को निरर्थक तौर पर नहीं लिया जा सकता है। उमर ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे तब उनके सहयोगी दल कांग्रेस के दबाव के बावजूद भी मैंने इस अधिनियम लागू नहीं किया था।
पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार इस अधनियम को जम्मू कश्मीर में गैरजिम्मेदाराना तरीके से लागू कर लोगों से उनके न्यूनतम राशन के अधिकार को छीन रही है।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के शंगुस में श्रमिकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कल उमर ने कहा, 'मैंने कहा था कि जब तक मैं इस बात से सहमत नहीं होता कि इससे हमारी जनता को फायदा पहुंचेगा या नहीं, तब तक जम्मू कश्मीर में इसे लागू करने की मैं इजाजत नहीं दूंगा।'