पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब तक रियासत में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार रहेगी और सीएम महबूबा मुफ्ती कुर्सी नहीं छोड़ती हैं, तब तक हालात सुधरने के आसार नहीं हैं।
विधान परिषद चुनाव में मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उमर ने कहा कि रियासत में आतंकवाद के 27 साल के दौर में ऐसा पहली बार हुआ है कि पुलिस के लिए एडवाइजरी जारी हुई है। कश्मीर में पुलिस वाले अपने घर नहीं जा सकते। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात किस कदर खराब हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि महबूबा सरकार के शासन में अंधेरे के बिना कुछ नजर नहीं आता। श्रीनगर लोकसभा सीट पर नेकां के प्रत्याशी डा. फारूक अब्दुल्ला की जीत से साफ हो गया है कि लोगों का विश्वास पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार से उठ चुका है। ऐसी स्थितियों में राज्यपाल शासन लागू करने की जरूरत है।