जम्मू-कश्मीर में 2021-22 के दौरान पूरी हुई विकास परियोजनाओं की संख्या में पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है। प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। जम्मू कश्मीर में 2018-19 के दौरान विभिन्न जिलों में 3,293 परियोजनाएं पूरी की गईं। 2021-22 में फरवरी तक 18,651 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं और वित्तीय वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा 36,572 तक पहुंचने की संभावना है।
अगर 2021-22 में 36,572 परियोजनाएं पूरी हो जाती हैं, तो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 22 गुना की वृद्धि होगी। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश ही नहीं बल्कि इसके बाहर भी इसकी चर्चा है। प्रदेश की तस्वीर अब बदल रही है। निवेशकों की तरफ से केंद्र शासित प्रदेश में निवेश करने के संकेत मिल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हो रहा है।
पारदर्शिता के साथ विकास के काम पूरे किए जा रहे
अधिकारियों ने कहा कि धन या किसी अन्य कारणों से लटकी हुई परियोजनाओं को भी क्रियान्वित किया जा रहा है और इन्हें रिकॉर्ड समय में पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मौजूदा समय ई-टेंडरिंग का है। हर जिले, ब्लॉक और पंचायत में पारदर्शिता के साथ विकास के काम पूरे किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब समानता, पारदर्शिता और निष्पक्षता नया मंत्र है। उन्होंने कहा कि कुछ चुनिंदा लोगों को ठेके देना अब बीते दिनों की बात हो गई है। साथ ही प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी के बिना कोई काम नहीं किया जाता है और रिकॉर्ड समय में बड़ी संख्या में परियोजनाएं पूरी की जा रही हैं।
कार्यों को समय पर पूरा करने की पूरी कोशिश
जिला कठुआ के मढ़ीन प्रखंड विकास परिषद के अध्यक्ष करण अत्री ने कहा, 'विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं और मेरे क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। लोगों को हमसे बहुत उम्मीदें हैं। हम सभी कार्यों को समय पर पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।'
वित्तीय प्रणाली में हुए बदलाव से मिल रहा फायदा
रियासी जिला विकास परिषद के अध्यक्ष सराफ सिंह ने कहा कि बीते दो वर्षों के दौरान किए गए वित्तीय प्रणाली में हुए बदलाव के चलते कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, रियासी जिले में पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक काम पूरे किए जांएगे। ई-टेंडरिंग के चलते विकास की प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आ रही है।