केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हरिभाई पी चौधरी के संसद में कश्मीरी पंडित विस्थापितों के अलग टाउनशिप पर केंद्र की ओर से विचार न किये जाने के जवाब से कश्मीरी विस्थापितों को निराशा होने के साथ साथ विपक्षी दलों ने भी इस मामले को सरकारी की नाकामी बताया है।
वहीं, भाजपा के कश्मीरी पंडित समुदाय से एमएलसी सुरेंद्र अंबरदार का कहना हैं कि केंद्र सरकार ने कुछ भी गलत नहीं कहा है। अभी तक रियासती सरकार की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र को नहीं गया है। सबको विश्वास में लेकर ही विस्थापितों का स्थायी पुनर्वास होगा। इसमें वक्त जरूर लग सकता है।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि इस गंभीर मामले को जैसे केंद्र की भाजपा सरकार ने उछाला और फिर इससे अपने हाथ खींचे यह केंद्र के अलावा रियासती सरकार की भी बड़ी नाकामी है।
भ्रम की स्थिति पैदा होने से कश्मीर में भी हिंसा हुई और कश्मीरी पंडित विस्थापितों में भी भ्रम की स्थिति रही। इस मुद्दे से साफ हो गया हैं कि केंद्र सरकार की मंशा केवल इस मामले को चर्चा तक लाने में ही सीमित रही। कांग्रेस ने कश्मीरी पंडित विस्थापितों के लिए जम्मू में जगती टाउनशिप बनाने के अलावा कश्मीर में भी ट्रांजिट कैंप बनाये।