राज्य एग्रीकल्चर टेक्नोक्रेट में सरकार के प्रति जबरदस्त रोष है। सरकार के रवैये पर कड़ा एतराज जताते हुए टेक्नोक्रेट का कहना है कि सरकार ने अपने ही निर्णय पर अमल नहीं किया।
रविवार को प्रेस क्लब में एक बैठक करते हुए टेक्नोक्रेट एसोसिएशन ने कहा कि सरकार के खिलाफ उग्र रूप से प्रदर्शन करेंगे। प्रधान सुरेंद्र रढोत्रा ने बताया कि सरकार ने घोषणा की थी कि राज्य के सभी एग्रीकल्चर टेक्नोक्रेट को तीन चरणों में स्थायी किया जाएगा।
पहली सूची जारी करने के बाद दूसरी सूची अप्रैल, 2015 में जारी की जानी थी, लेकिन नहीं की गई। पिछले आठ महीने से टेक्नोक्रेट को स्टाइपंड जारी नहीं किया गया।
न ही टेक्नोक्रेट को वेतन जारी किया गया है। इसकी वजह से उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह से डगमगा गई है। पिछले 18 महीनों से वह लोग वेतन का इंतजार कर रहे हैं।
सरकार का यह रवैया उन्हें दोबारा सड़क पर उतरने को मजबूर कर रहा है। वह लोग चेतावनी देते हैं कि यदि जल्द ही दूसरे और तीसरे चरण की सूची जारी नहीं की गई तो वह लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे। रढोत्रा ने बताया कि उनके सभी त्योहार वेतन के इंतजार में निकल गए।