नरवाल में लगी आग में तबाह हुए आशियाने
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नरवाल अग्निकांड में तीन लोग बुरी तरह से झुलस गए। झुलसे लोग अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन कुदरत के इस कहर से मिले जख्मों पर अस्पताल में कोई मरहम लगाने नहीं आया। आमतौर पर किसी हादसे के घायलों का पता लेने के लिए नेताओं का तांता लग जाता है, लेकिन इस कांड के घायलों का कोई पता नहीं लेने आया।
दरअसल, यह सभी लोग बर्मा के रहने वाले हैं। जिनका जहां पर कोई वोट नहीं है। शायद यही एक वजह हो सकती है कि जो किसी राजनीतिक दल का नेता अस्पताल में हाल जानने नहीं पहुंचा।अस्पताल में भर्ती इन लोगों को उपचार के लिए सारी दवाइयां बाहर से खरीदकर लानी पड़ी। हादसे में अपना परिवार खोने वाले मोहम्मद सलीम का कहना है कि किसी की तरफ से कोई मदद नहीं मिली।
काश हमारे भी वोट होते तो हमारे पास भी कोई नेता हाल जानने के लिए आता। उससे पूछा कि अस्पताल से कोई दवाई मिली, तो उसने कहा कि यदि अस्पताल से मिलती तो बाहर से क्यों लेकर आता। सलीम का कहना है कि एक ही बार सुबह डाक्टर उपचार करने के लिए आए थे। हालांकि घटनास्थल पर पूर्व मंत्री रमण भल्ला पहुंचे।