जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचीं वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बैंकों को भरोसा दिलाते हुए कि डिफॉल्टरों से उनकी एक-एक पाई वसूलकर वापस दिलाएंगे। केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और बैंकों को किसी भी हाल में नुकसान नहीं उठाने दिया जाएगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पिछले दिनों डिफॉल्टरों पर निशाना साधते हुए कहा था कि हमारी सरकार ने सात साल में पांच लाख करोड़ की वसूली की है और बैंकों को वापस मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
चार रणनीतियों से घटाया एनपीए
सीतारमण ने कहा कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले बैंक बढ़ते एनपीए से परेशान थे। इससे निपटने के लिए हमने चार अहम रणनीति अपनाई। एनपीए खातों की पहचान, समाधान, पुनर्पूंजीकरण और सुधार के जरिये जल्द ही बैंकिंग क्षेत्र को वापस पटरी पर ले आए। एनपीए खातों से वसूली के लिए सरकार लगातार कानून बना रही और उससे जुड़ी संपत्तियों को बेचकर बैंकों का पैसा वापस किया जा रहा है।