उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह
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पिछले साढ़े चार महीने से कश्मीर के हालात ठीक नहीं हैं। कश्मीर में छद्म युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं और सरकार इससे निपटने के लिए काम कर रही है। देश इतना कमजोर नहीं है कि चार लोग देश के हालात को बिगड़ने का काम पूरा कर सकें। गठबंधन सरकार में उतार चढ़ाव आते हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जाता है।
राज्य के हालात को ठीक करने के लिए केंद्र सरकार से भी बात की जा रही है। यह बातें राज्य के उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने महिला डिग्री कालेज में अपने संबोधन के दौरान कहीं। निर्मल सिंह ने कहा कि कश्मीर में प्राक्सी वार जैसे हालात हैं, लेकिन इसमें जम्मू की जनता के सहयोग की तारीफ करनी होगी कि वहां पर लोगों ने संयम बनाए रखा और ऐसी कोई भी हरकत नहीं की, जिससे राज्य का माहौल बिगड़े।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में हालात बिगाड़ने वालों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन सरकार को उसके लिए समय चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद जब जम्मू में भाजपा और कश्मीर में पीडीपी को बहुमत मिला तो साफ था कि जनता एक ऐसा सरकार चाहती है, जो विकास का एजेंडा लेकर आगे बढ़े। उस समय राजनीतिक तौर पर दोनों पार्टियों की सोच अलग थी, हर किसी ने कहा कि नार्थ और साउथ पोल है। लेकिन दोनों दलों ने एक एजेंडा बनाया और उस पर काम किया।
उन्होंने कहा कि चंद लोगों को यह रास नहीं आया, तो उन्होंने कश्मीर में अराजकता का माहौल बनाया। लेकिन सरकार ने उन लोगों को बार-बार जवाब दिया है। सरकार एक बार फिर केंद्र सरकार की मदद से कश्मीर के हालात ठीक करने का प्रयास करेगी। हालांकि उपमुख्यमंत्री ने श्री अमरनाथ यात्रा के साथ राज्य के वर्तमान हालातों और कैबिनेट मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा के ब्यान को लेकर पूछे गए सवालों पर चुप्पी साधे रखी।