रोहिंग्या मसला राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा है। रोहिंग्या लोग विदेशी हैं। वे जम्मू और सांबा के संवेदनशील इलाके में अवैध रूप से रह रहे हैं। रियासत सरकार भी इस पर गंभीर है। विदेशियों को निकालने का मामला केंद्र से भी जुड़ा मसला है। रोंहिग्या की संवेदनशील इलाकों में मौजूदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है।
केंद्र सरकार इस पर ठोस नीति तय करने वाली है। यह बात रियासत के उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान कही। निर्मल सिंह ने कहा, पीडीपी के साथ तय किए एजेंडा आफ अलायंस पर भाजपा और केंद्र गंभीर है। इस पर काम हो रहा है। एनएचपीसी के दो प्रोजेक्टों की वापसी पर भी बातचीत हो रही है। मामला केंद्र सरकार से सीधे नहीं जुड़ा है।
एनएचपीसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। मामला सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का पीडीपी से गठबंधन बड़े मकसद के मद्देनजर हुआ है। इसलिए छोटे-मोटे विवाद मायने नहीं रखते हैं। एमएलसी चुनाव में अगर कोई मतभेद हुआ होगा, तो उसे सुलझा लिया जाएगा। दोनों दलों का नेतृत्व मेच्योरड है।