कश्मीर में हिंसा के हालातों की जांच कर रही एनआईए आने वाले वक्त में कश्मीर के उन तमाम लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है, जिनके माध्यम से सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म और व्हाट्स ऐप ग्रुप संचालित किए जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार अलगाववादियों की पाकिस्तानी फंडिंग और हिंसा की साजिशों की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अब उन नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं, जिनके रास्ते कश्मीर में हिंसा के नापाक इरादों को अंजाम तक पहुंचाया जाता है।
एनआईए अपनी जांच में कश्मीर में अलगाववादियों के टेरर कनेक्शन को तो खंगाल ही रही है, इसके साथ ही इस बात की भी पड़ताल में जुटी है कि कश्मीर में अफवाह और उकसावे का पूरा कामकाज किस तरीके से चलता है।
अलगाववादियों से पैसों के बंटवारे के स्थानीय नेटवर्क की पड़ताल
अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी
- फोटो : फाइल फोटो
इसी क्रम में अलगाववादियों से पैसे के बंटवारे, उपद्रवियों को मिलने वाली नकदी के स्रोत और उन कारोबारियों की पड़ताल भी जारी है, जिनके जरिये ये पूरी साजिश रची जा रही है। इसके साथ ही उन नेटवर्कों की भी जांच की जा रही है जिनसे लोगों को आतंकी मुठभेड़ और कश्मीर में हिंसक प्रदर्शनों के लिए इकट्ठा किया जाता था।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले वक्त में कश्मीर के उन लोगों पर भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जो सोशल मीडिया या अन्य कनेक्टिविटी एप्लीकेशनों के जरिये लोगों को आतंकी मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए इकट्ठा करते थे।
वीपीएन से इस्तेमाल होते रहे बैन एप्लीकेशन
सोशल मीडिया का होता रहा इस्तेमाल
- फोटो : फाइल फोटो
पिछले दिनों सुरक्षा एजेंसियों को मिली एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि कश्मीर में इंटरनेट पर बैन के बावजूद भी तमाम सोशल मीडिया साइट्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में पुलिस के अधिकारियों द्वारा आने वाले वक्त में वीपीएन के जरिये इंटरनेट के इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाने की बात कही गई थी।
अब भी मुठभेड़ के दौरान हो रही हिंसा
कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : फाइल फोटो
कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ और सेना के सर्च आपरेशनों के दौरान हिंसक प्रदर्शनों का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को भी पहलगाम में सेना के सर्च आपरेशन के दौरान हिंसक प्रदर्शन होने की बात सामने आई है, इसके साथ ही मंगलवार को भी शोपियां में सेना के सर्च आपरेशन के दौरान हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। ऐसे में हाल की मुठभेड़ के दौरान भी सोशल मीडिया के जरिए एक बार फिर हिंसा के लिए स्थानीय लोगों के उकसाने के शक के बाद एजेंसियां इसकी पड़ताल में जुटी हैं।