28 फरवरी को पेश किए जाने वाले केंद्रीय आम बजट से इस बार जम्मू के विस्थापित परिवार भी पैकेज की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पूर्व केंद्र सरकार के सामने कई बार इन विस्थापितों ने मांगों को रखा था, लेकिन इनको पूरा आज तक नहीं किया गया।
इस बार भाजपा की केंद्र सरकार की तरफ से पेश किए जाने वाले बजट पर आस लगाए बैठे हैं। विस्थापितों का कहना है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा की तरफ से मांगों को पूरा करने के आश्वासन मिले हैं, उम्मीद है कि भाजपा की केंद्र अब इस पर काम करेगी।
करीब 20 वर्ष से आतंकवाद के कारण घर छोड़ चुके जम्मू संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के लोग कश्मीरी विस्थापितों की तर्ज पर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। इनकी मांगों की तरफ आज तक न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार ने ध्यान दिया है।
माइग्रेंट सेल के प्रधान शेर सिंह ने बताया कि 20 वर्ष के दौरान कई बार केंद्र और राज्य सरकार के सामने परेशानियों को रख चुके हैं, लेकिन किसी ने भी मांगों को गंभीरता से लेकर पूरा करने का प्रयास नहीं किया है।