सड़क हादसे में बुरी तरह से घायल शेरू का बचना मुश्किल था। लेकिन ऐन मौके पर इलाज और महीनों दिन रात की सेवा से उसे बचा लिया गया। फिर पुनर्वास के तौर पर उसे पंद्रह किलोमीटर दूर स्थित उसके इलाके में छोड़ दिया गया। कुछ दिन बाद वह लौट आया।
रूपनगर इलाके में चल रहे म्यूनिसिपल एनिमल केयर सेंटर में अक्सर ऐसे दृश्य उभरते हैं। यहां नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में विभिन्न हादसों में घायल होने वाले लावारिस मवेशियों का इलाज और पुनर्वास किया जाता है।
केयर सेंटर के वर्कर वेद प्रकाश का अनोखा पशु प्रेम मौत के मुंह में पहुंच चुके इन मूक मित्रों को नया जीवन दिलाता है। वेद प्रकाश केयर सेंटर में पीड़ा से कराहते पशु को आत्मीयता से सहारा देते हैं।
ऑपरेशन के बाद तीमारदारी के लिए मामला वेदप्रकाश के पास पहुंच जाता है जिसके बाद वे चौबीसों घंटे हादसों के शिकार जानवरों की सेवा में जुट जाते हैं। वेद प्रकाश रात को भी सभी जानवरों को अपने कमरे में ही साथ रखते हैं।