जब भी कोई त्योहार होता है तो सूर्य पुत्री की पूजा की जाती है। नवरात्र खत्म होने पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु सूर्य पुत्री की पूजा करते हैं, लेकिन पूजन के साथ ही पूजा सामग्री व पालीथिन को नदी में ही डाल दिया जाता है।
मछली पालन हो रहा प्रभावित
तवी नदी में दिन ब दिन बढ़ रहे प्रदूषण के कारण मछली पालन काफी प्रभावित हुआ है। 141 किलोमीटर लंबी तवी नदी में कई स्थानों पर ट्राउट मछली का पालन किया जाता है, लेकिन गंदगी के कारण मछली पालन पर असर पड़ने लगा है। नदी में डाला जा राह पालीथिन मछली पालन पर असर डाल रहा है।