फूड लाइसेंस के लिए शहर के दुकानदारों, रेहड़ी, ढाबों और होटल वालों को भटकना पड़ रहा है। अधिकतर लोगों को अभी तक इस बारे में जानकारी नहीं मिली है कि फूड लाइसेंस बनाने और उन्हें रिन्यू करने का काम ड्रग एंड कंट्रोल के पास चला गया है। ऐसा सरकार की ओर से नगर निगम को डी-नोटिफाई करने के बाद हुआ है।
अधिकतर लोग लाइसेंस बनवाने और रिन्यू करवाने के लिए असमंजस में है। शहर के दुकानदार, रेहड़ी, फड़ी, ढाबे, होटल आदि खाद्य पदार्थ बेचने वाले लोगों को नगर निगम से फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड एक्ट के तहत लाइसेंस लेना होता था, ताकि लोगों को साफ खाना या अन्य खाद्य पदार्थ परोसे जा सके।
इसके लिए उन्हें नगर निगम की हेल्थ सेक्शन से लाइसेंस मिलता था। अभी सरकार की ओर से निगम को डी-नोटिफाई कर दिया गया है और यह पावर ड्रग एंड फूड कंट्रोल विभाग को सौंप दी गई है। लेकिन लोग पहले ही तरह ही नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं।
जिन लोगों को इस बारे में जानकारी मिल रही है वे भी खासे परेशान है, क्योंकि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। कुछ लोगों का आरोप है कि ड्रग एंड फूड कंट्रोल विभाग में भी लाइसेंस लेने के लिए खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।