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नया सिक्योरिटी सिस्टम: गैर-कश्मीरी कॉलोनियों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, संदिग्धों पर होगी पैनी नजर

Tue, 26 Oct 2021 11:51 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

नए सिस्टम के तहत हाइब्रिड आतंकियों के जरिए करवाई जाने वाली टारगेट किलिंग के किंगपिन तक पहुंचने का भी प्रयास किया जाएगा। वहीं एनआईए ने कुछ ऐसे लोगों की भी पहचान की है, जो टारगेट किलिंग के लिए युवाओं तक पहुंच रहे हैं। इनकी जल्द ही धरपकड़ होगी।
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ड्रोन, फाइल फोटो - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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कश्मीर में टारगेट किलिंग के बाद नए सिरे से सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया जाएगा। पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और अन्य एजेंसियां मिलकर एक इंटीग्रेटेड सिस्टम तैयार करेंगी। इसके तहत गैर कश्मीरी कॉलोनियों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इसका एक जगह कंट्रोल रूम होगा और उन कॉलोनियों में संदिग्ध लोगों या गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही उक्त इलाकों में बैरिकेडिंग और गश्त बढ़ाई जाएगी। कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में खुफिया विंग के अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती होगी। 

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सुरक्षा एजेंसियां कश्मीर में अपना इंटेलिजेंस सिस्टम मजबूत करेंगी। इसमें कश्मीर के स्थानीय लोगों को शामिल कर उनको अपने साथ जोड़ा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि 23 अक्तूबर को कश्मीर में गृहमंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा पुख्ता करने के लिए कहा है।

नए सिस्टम के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, बेहतर खुफिया नेटवर्क, शहरों, सड़कों और राजमार्गों पर मजबूत गश्त, अधिक बैरिकेडिंग और सुरक्षा बंकरों के साथ आतंकियों के प्रवेश और निकास को रोकने में नई सुरक्षा प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं होंगी।
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80 परिवारों के युवक लापता, हाइब्रिड आतंकी बनने की आशंका
कश्मीर घाटी में 80 ऐसे परिवार हैं, जिनके घरों से युवा लापता हैं। इन युवकों के हाइब्रिड आतंकी बनने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियों ने इन युवाओं की तलाश तेज कर दी है। नए सिक्योरिटी सिस्टम से लापता युवकों की मूवमेंट को पकड़ने में भी मदद मिलेगी।

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