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नेकां को सत्ता में रहने का लालच: पीडीपी

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जम्मू कश्मीर में सरकार गठन के लिए राजनीतिक दलों में एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला जारी है। नेशनल कांफ्रेंस द्वारा मंगलवार को राज्यपाल को सरकार गठन के लिए पीडीपी को बिना शर्त समर्थन देने पर सौंपे पत्र पर भी राजनीति शुरू हो गई है।
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विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े राजनीतिक दल के तौर पर उभरी पीडीपी ने बुधवार को श्रीनगर में इशारा दे दिया कि वह नेकां के प्रस्ताव के सामने झुकेंगे नहीं। पीडीपी के प्रवक्ता नईम अख्तर ने अमर उजाला से कहा कि नेकां को सत्ता में आने की लालसा है।

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर राज्य की जनता ने उन्हें नकारा है और मात्र 15 सीटें हासिल कर वह सरकार गठन पर निर्णय नहीं ले सकती। नेकां सरकार गठन का प्रस्ताव रख सत्ता में रहना चाहती है। पीडीपी को सबसे ज्यादा सीटें हासिल हुई हैं और वह खुद सरकार गठन पर सोच विचार करेगी।
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नेशनल कांफ्रेंस की पीडीपी पर पलटवार

उधर, नेशनल कांफ्रेंस ने भी पीडीपी प्रवक्ता के बयानों की निंदा करते हुए कहा कि जो बयान पीडीपी प्रवक्ता दे रहे हैं, उससे लगता है कि उन्हें सही जानकारी नहीं है।

नेकां के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर ने कहा कि जो प्रस्ताव पत्र उनकी ओर से राज्यपाल को दिया गया है, उसमें उन्होंने सरकार गठन का नहीं बल्कि सरकार गठन में पीडीपी को बाहरी सहयोग देने की बात की है।

सागर ने अमर उजाला को यह भी बताया कि अगर उन्हें सत्ता की लालच होती तो चुनावी नतीजे सामने आने के बाद से ही भाजपा के साथ उनके लिए विकल्प खुले थे। उन्होंने पीडीपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पीडीपी की मजबूरी है।

पीडीपी का सृजन भाजपा द्वारा किया गया था ताकि कश्मीरियों को बांटा जा सके। सागर ने उम्मीद जताई कि पीडीपी दोनों क्षेत्रीय दलों को एक साथ लाने के लिए आगे बढ़ेगी जो राज्य के हित में होगा।
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