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घाटी में राष्ट्रवादी स्वर : बौखलाए पाकिस्तान ने रची टारगेट किलिंग की साजिश, भारत सरकार गंभीर

Thu, 19 Aug 2021 04:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा बृजेश कुमार सिंह, जम्मू

सार

  • भाजपाइयों को निशाना बना खौफ पैदा करने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान, तिरंगे के प्रति बढ़ता सम्मान नहीं आ रहा रास 
  • सरकार ने टारगेट किलिंग को गंभीरता से लिया, नए सिरे से सुरक्षा खतरे की समीक्षा जल्द होगी
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कश्मीर में आतंकी संगठनों ने पाकिस्तान के इशारे पर राष्ट्रवादी ताकतों को पैर पसारने से रोकने के लिए भाजपाइयों को निशाना बनाकर टारगेट किलिंग की साजिश रची है। घाटी में 370 हटने के बाद राष्ट्रवाद की प्रखर होती आवाज, तिरंगे के प्रति बढ़ता सम्मान पाकिस्तान को रास नहीं आ रहा है। स्वतंत्रता के 75वें वर्ष पर घाटी में हर ओर तिरंगे की धूम और लाल चौक के तिरंगे की रोशनी से जगमग होने से पाकिस्तान की बौखलाहट और बढ़ गई है। पाकिस्तान की कोशिश है कि लोगों में डर का माहौल पैदा किया जाए ताकि राष्ट्रवादी ताकतें यहां पैर न पसार सकें। 

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सरकार ने टारगेट किलिंग को गंभीरता से लिया है। घाटी में सुरक्षा खतरे की नए सिरे से समीक्षा की हिदायत दी गई है। सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक जिले में ऐसे लोगों की पहचान करने को कहा गया है जिन्हें खतरा है और जिन्हें अब तक सुरक्षा नहीं दी गई है। ऐसे लोगों को सुरक्षा देने पर विचार किया जा रहा है। यह भी कहा गया है कि कुछ नए उच्च सुरक्षा प्राप्त स्थानों को भी चयनित किया जाए, जहां ऐसे लोगों के  रहने का प्रबंध किया जा सके। 

अब भी श्रीनगर समेत विभिन्न जिलों में होटलों और कुछ अन्य स्थानों पर सुरक्षा खतरे वाले लोगों को आवासीय सुविधा दी गई है। इनमें पूर्व विधायक, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों को हिदायत है कि वे पुलिस को सूचना दिए बगैर बाहर न जाएं। 
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कश्मीर में भाजपा के पांच हजार पदाधिकारी हैं, जिनके पास मुख्य संगठन के अलावा मोर्चों ओर प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी है। इन्हें खतरा अधिक है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हर किसी को सुरक्षा मुहैया कराना संभव नहीं है। लेकिन जिन्हें खतरा है उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने पर विचार चल रहा है। यदि किसी को सुरक्षा संबंधी धमकी मिली है तो वह भी पुलिस के साथ उसे साझा करे।

भाजपा का दावा है कि घाटी में उसने दो लाख लोगों को साथ जोड़ा है। पार्टी सदस्यता से पाक परस्त संगठनों में बौखलाहट है। बौखलाहट इस बात को लेकर भी है कि हुर्रियत की जुबान बंद हो गई है। पत्थरबाजी का दौर लगभग खत्म हो गया है। पाकिस्तानी नारे लगना और पाकिस्तान झंडे लहराना बंद हो गए हैं। अमन और शांति है। युवा अपने करिअॅर पर फोकस कर रहे हैं। ऐसे में पिछले तीन दशक का अपना एजेंडा फ्लाप होते देख आईएसआई और आतंकी तंजीमों के  आकाओं ने सॉफ्ट टारगेट के रूप में भाजपा कार्यकर्ताओं-नेताओं को चुना है।  

राष्ट्रवाद का झंडा बुलंद न हो, इसलिए टारगेट किलिंग
घाटी में तिरंगे के प्रति लोगों में सम्मान बढ़ा है। अब लगभग सभी जगह तिरंगा फहराने लगा है। आतंकी संगठनों और पाकिस्तानी हैंडलरों को यह रास नहीं आ रहा। पहले तो उन्होंने भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार किया कि यह कश्मीरियों के हित वाली पार्टी नहीं है। इससे बात नहीं बनी तो यह उन्हें खटकने लगा। अब वे चाहते हैं कि राष्ट्रवाद का झंडा कोई बुलंद न करे। कोई तिरंगा न फहराए। इसीलिए वह खौफ पैदा करने के लिए टारगेट किलिंग कर रहे हैं। हर किसी को सुरक्षा देना संभव नहीं है, लेकिन सरकार को सुरक्षा खतरे की समीक्षा करनी चाहिए। उच्च सुरक्षा वाले इलाकों, होटलों में ऐसे लोगों के रुकने का इंतजाम करना चाहिए। क्या करें और क्या न करें की गाइडलाइन भी जारी करनी चाहिए।
-डॉ. एसपी वैद, पूर्व डीजीपी

भाजपा कार्यकर्ताओं का सुरक्षा घेरा बढ़ाए सरकार
भाजपा कार्यकर्ताओं को घाटी में निशाना बनाया जाना चिंताजनक है। अब पाकिस्तान और आतंकी संगठनों को यह लगने लगा है कि कश्मीर में उनकी दाल नहीं गलने वाली। राष्ट्रवाद को वे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से खौफ पैदा करने और अलगाववाद को फिर से जीवित करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। लेकिन भाजपा ऐसे कायरतापूर्ण कृत्य से डरने वाली नहीं है। वह डटकर मुकाबला करेगी। सरकार को चाहिए कि भाजपा कार्यकर्ताओं का सुरक्षा घेरा बढ़ाया जाए। उनके सुरक्षित स्थानों पर रहने का प्रबंध किया जाए। 
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- अशोक कौल, प्रदेश महामंत्री संगठन, भाजपा

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