जम्मू। डेयरी उत्पादकों को नगर निगम की ओर से पर्यावरण संतुलन पर जागरूक किया गया। इसे लेकर सोमवार को जागरूक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 50 डेयरी उत्पादकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कुछ दिशा निर्देश जारी हैं। लेकिन कुछ लोग इसका पालन नहीं कर रहे। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उत्पादकों को बायो गैस प्लांट, वर्मी-कम्पोस्ट यूनिट लगाकर डेयरी फार्मों और गौशालाओं में उत्पन्न कचरे के पर्यावरण प्रबंधन के बारे में जागरूक किया गया। मवेशियों के गोबर और मूत्र के उचित निपटान के लिए अन्य वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की जानकारी दी गई। बताया गया कि डेयरी फार्म और गौशालाएं अपशिष्ट जल के साथ मवेशियों के गोबर को नालियों में बहा देती हैं, जिससे जाम लग जाता है।
यदि गोबर का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए, तो यह खाद और ऊर्जा का संसाधन हो सकता है। शहर में लगभग 600 डेयरियां हैं, जबकि 5 गौशालाएं हैं, जो निगम के अधीन काम करती हैं। बताया कि जम्मू नगर निगम ने ऑनलाइन डेयरी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है और जो डेयरी इकाइयां निर्धारित मानदंडों और मानदंडों को पूरा करती हैं, उन्हें पंजीकृत किया जाएगा।