जम्मू के अरनिया के चक हरनी में शुक्रवार को हुए दोहरे हत्याकांड में घायल बाबर चौधरी की भी जीएमसी में मौत हो गई है। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। वहीं, तीसरे दिन भी आरोपी पुलिस कर्मियों को अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई एके-47 भी बरामद नहीं हुई है।
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हत्याकांड में घायल हुए बाबर चौधरी की रविवार को जीएमसी में मौत हो गई है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुक्रवार को हुई बारदात में आरिफ और साबर की मौके पर ही मौत हो गई थी। चौथे घायल प्रवीन का ईलाज जारी है। उधर, आरोपी पुलिस कर्मी 72 घंटे बाद भी नहीं पकड़े गए हैं। हालांकि उनकी धड़पकड़ के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है।
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प्रदेश की सीमाएं सील करने के बाद जगह-जगह दबिश दी जा रही है। अभी तक वारदात में इस्तेमाल की गई एके-47 भी बरामद नहीं हुई है। एसएसपी चंदन कोहली ने बताया कि आरोपी फरार हैं, जिनकी धड़पकड़ के लिए प्रयास जारी हैं। पुलिस के आईआरपी कर्मी भूपेंद्र सिंह निवासी चक मोहम्मद यार ने सर्विस राइफल से चार लोगों बाबर चौधरी, साबर खान, चचेरे भाई आरिफ और दोस्त प्रवीन पर गोलीबारी की थी। फायरिंग के समय भूपेंद्र के साथ उसका दोस्त सादिक अली निवासी सलैड़ कोठे भी था। गांव में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।