ऐतिहासिक मुबारक मंडी के अस्तित्व पर खतरा कई वर्षों से मंडरा रहा है, लेकिन इस वर्ष की बरसात में इसकी इमारत तहस-नहस हो सकती है। सरकार ने इमारत को असुरक्षित घोषित कर दिया है। जिस पर साफ अक्षरों में लिखा हुआ है कि इसके पास आना भी मना है। मुबारक मंडी की पिछली तरफ रहने वाली पूरी बस्ती के लोग इससे चिंतित हैं। पिछले वर्ष भी बरसात में मुबारक मंडी का एक हिस्सा ढह गया था। इस वर्ष भी ऐसा माना जा रहा है कि इसका हिस्सा ढह सकता है।
जानकारी के अनुसार मुबारक मंडी की इमारत काफी जर्जर हो चुकी है। इसके रखरखाव के लिए प्रोजेक्ट भी बनाया गया है, लेकिन यह कछुआ चाल चल रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक भी हुई। इसमें सीएम ने भी मंडी के रेनोवेशन कार्य के धीमी गति से चलने पर रोष जताया। एक महीने तक इसकी रिपोर्ट बनाने के लिए भी कहा गया है। मुबारक मंडी में हर रोज कई लोगों का आना-जाना लगा होता है।
मुबारक मंडी में म्यूजियम भी है, जिसे देखने कई स्थानीय लोग और अन्य राज्यों से पर्यटक पहुंचते हैं। यहां पर प्राचीन सामान पड़ा हुआ है, जिसके संरक्षण पर खतरा मंडरा रहा है। मुबारक मंडी में ही कई लोग अपने वाहन भी पार्क कर चले जाते हैं। प्रशासन ने लोगों से साफ तौर पर कहा है कि इसके आसपास जाना मना है। हालांकि मुबारक मंडी परिसर के पीछे रहने वाली बस्ती के लोगों के लिए कुछ नहीं कहा गया। लोगों को इसका नुकसान हो सकता है।