प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल को निर्देश दिए कि इस प्रतिष्ठित योजना को समय पर पूरा करने में आ रहीं तमाम बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए।
प्रधानमंत्री ने बुधवार को प्रो एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लिमेंटेशन (प्रगति) कार्यक्रम के तहत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव इकबाल खांडे से भी योजना की प्रगति पर विस्तृत जानकारी ली। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने इस दौरान प्रधानमंत्री को बताया कि 326 किलोमीटर लंबी रेल लिंक योजना में से 215 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।
शेष 111 किलोमीटर कटड़ा-बनिहाल सेक्शन का काम चल रहा है। इसमें से 35 फीसदी काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि कटड़ा-बनिहाल सेक्शन कई कठिन क्षेत्रों से गुजरता है। इसके अलावा विभिन्न अदालतों में कई जनहित याचिकाएं लगने से योजना को निर्धारित समय पर पूरा करने में देरी हुई।
चेयरमैन ने बताया कि इस सेक्शन में तीन एजेंसियां काम कर रहीं हैं, जिसमें नार्दर्न रेलवे (5 किलोमीटर), कोणकण रेलवे (35 किलोमीटर) और इरकॉन रेलवे (71 किलोमीटर) शामिल हैं। 94 किलोमीटर के रेल ट्रैक में 40 पुल (सात किलोमीटर) और 28 सुरंग हैं।
54 किलोमीटर का जम्मू-उधमपुर सेक्शन 2005 में आरंभ हुआ था और शेष 272 किलोमीटर के उधमपुर-बारामुला लिंक को नेशनल प्रोजेक्ट घोषित किया गया है। अब तक 118 किलोमीटर के काजीगुंड-बारामुला, 18 किलोमीटर के काजीगुंड-बनिहाल और 25 किलोमीटर के उधमपुर-कटड़ा सेक्शन का काम पूरा हो चुका है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ‘प्रगति’ के तहत प्रत्येक माह देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़ते हैं। इसमें आम आदमी की समस्याओं पर चर्चा करने के साथ ही राज्यों में केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा की जाती है।