पीडीपी प्रमुख तथा पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को पार्टी का पुनर्गठन किया है। खास बात यह है कि इसमें महबूबा के मामा और पूर्व उपाध्यक्ष सरताज मदनी को कोई जगह नहीं दी गई है। इनके खिलाफ ही पार्टी में सबसे अधिक विरोध था। पार्टी के बागी विधायकों ने खुलेआम इन पर आरोप लगाए थे। विधायकों के बागी तेवर को देखते हुए सरताज मदनी ने पिछले दिनों सबसे पहले इस्तीफा दिया था। उस समय यह चर्चा थी कि महबूबा ने उनका इस्तीफा मांग लिया है। इसके बाद सभी पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए थे।
पार्टी प्रवक्ता के अनुसार पुनर्गठन में नए उपाध्यक्ष को नामित करने के साथ ही पांच महासचिव बनाए गए हैं। वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अब्दुल रहमान वीरी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व मंत्री गुलाम नबी लोन हंजूरा व अब्दुल हक खान, महबूब इकबाल, एमएलसी सुरिंदर चौधरी व एफसी भगत को महासचिव बनाया गया है।
इसके साथ ही जहूर अहमद मीर, आशिया नकाश, मोहम्मद युसूफ भट, राजा एजाज अली, बशीर अहमद रौनयाल, मारूफ खान, नूर मोहम्मद भट, अमरीक सिंह रीन, अब्दुल मजीद, सैमुल्लाह, शाह मोहम्मद तांत्रे, दीपक हांडा व अब्दुल रशीद मलिक को राज्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व वित्त मंत्री सैयद अल्ताफ बुखारी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। रफी अहमद मीर को दोबारा मुख्य प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी दी गई है।
पार्टी की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) का भी पुनर्गठन किया गया है। पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती कमेटी की अध्यक्ष होंगी। कमेटी के सदस्यों में मुजफ्फर हुसैन बेग, अब्दुल रहमान वीरी, मोहम्मद दिलावर मीर, महबूब बेग, सैयद बशारत बुखारी, निजामुद्दीन भट, यशपाल शर्मा, चौधरी जुल्फकार, सैयद असगर अली, फलैल सिंह, अशरफ मीर, हाजी अनायत अली, रफीक हुसैन खान व काजी अफजल को रखा गया है। पार्टी प्रवक्ता के अनुसार पार्टी पदाधिकारी जरूरत के अनुसार पीएसी के विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाए जा सकते हैं।