प्रदेश की सरकार ने कश्मीर में चिकित्सा पर्यटन को विकसित करने के लिए 200 कनाल भूमि पुलवामा जिले में मेडिसिटी बनाने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को ट्रांसफर की है। पुलवामा के काकापोरा के गांव ललहार में मेडिसिटी को विकसित किया जाएगा। मेडिसिटी के तहत देश के निजी क्षेत्र के बड़े-बड़े अस्पताल यहां पर यूनिट स्थापित कर पाएंगे। पुलवामा जिले में ही एम्स भी निर्माणधीन है।
चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव रंजन पी ठाकुर ने पुलवामा में मेडिसिटी के लिए राजस्व विभाग की तरफ से 200 कनाल भूमि सौंपे जाने की पुष्टि करते हुए कहा है कि इससे कश्मीर में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उनका कहना है कि भूमि मिलने के बाद अब प्रस्तावित मेडिसिटी को विकसित करने की प्रक्रिया पर काम आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं राजस्व विभाग के प्रधान सचिव शालीन काबरा की तरफ से जारी आदेश के तहत पुलवामा के गांव लहहार में खसरा नंबर 1495 के तहत 200 कनाल भूमि मेडिसिटी की स्थापना के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को दी गई।
मूलभूत सुविधाओं का विकास करेगा उद्योग विभाग
मेडिसिटी की स्थापना के लिए अब उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तय प्रोटाकोल के तहत ढांचागत और मूलभूत सुविधाओं का विकास करेगा। इसके अगले चरण में देश के बड़े-बड़े निजी अस्पतालों को यहां यूनिट स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। मेडिसिटी की स्थापना से कश्मीर के लोगों के अलावा यहां पर आने वाले पर्यटकों को विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ कश्मीर के शानदार वातावरण में रहने का भी मौका मिलेगा।
रोजगार के नए अवसर मिलेंगे
राजस्व विभाग के प्रधान सचिव शालीन काबरा ने बताया कि मेडिसिटी की स्थापना से रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। कश्मीर की तरह ही जम्मू के सांबा में एम्स के करीब भी मेडिसिटी की स्थापना प्रस्तावित हैं।