बुरहान वानी की बरसी पर कश्मीर में कई इलाकों में भारी तनाव के बीच हिंसक प्रदर्शन हुए। दक्षिणी कश्मीर के शोपियां में मस्जिद में लोगों के जुटने की सूचना पर सुरक्षा बलों ने छापेमारी की तो हिंसा भड़क उठी।
इस दौरान महिलाएं प्रदर्शन करने लगीं ताकि सुरक्षा बल मस्जिद में न घुस सके। सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद आंसू गैस के गोले दागे गए। पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया। इसमें आठ महिलाओं सहित 10 लोग घायल हो गए।
बुरहान के पैतृक आवास त्राल की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया था। युवाओं के त्राल मार्च को सुरक्षा बलों ने विफल बनाया। इस दौरान पत्थरबाजी कर रही भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। यहां से छह लोगों को सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया।
हिंसक प्रदर्शनों में कई लोग घायल
फाइल फोटो
त्राल के शरीफाबाद में बुरहान के कब्रगाह जाने की कोशिश को विफल बनाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। त्राल के कुंजबल में भी हिंसक प्रदर्शन हुए। इस दौरान चार प्रदर्शनकारी घायल हो गए जिसमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। श्रीनगर के रैनावारी तथा नौहट्टा इलाके में भी सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया।
पूरी घाटी में जगह-जगह बुरहान के पोस्टर चस्पा किए गए। दक्षिणी कश्मीर में बुरहान, सलाहुद्दीन और गिलानी के फोटो लगे बैनर भी दिखे, जिन्हें सुरक्षा बलों ने हटा लिया। पुलवामा के पियूल तथा तहाब इलाके में सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया।
कर्फ्य जैसी पाबंदियां, स्कूल-कालेज बंद, दुकानें भी रहीं बंद
फाइल फोटो
घाटी में कई स्थानों पर कर्फ्यू सरीखी पाबंदियां रहीं। स्कूल-कालेज बंद रहे। कारोबारी प्रतिष्ठान तथा दुकानें बंद रहीं। सड़कों से वाहन नदारद रहे। रेल सेवा स्थगित रही। मोबाइल इंटरनेट तथा ब्राड बैंड सेवा ठप रही। सोशल साइट्स बंद रहे। कश्मीर विश्वविद्यालय की परीक्षाएं स्थगित रहीं।
श्रीनगर के पांच थाना क्षेत्रों एमआर गंज, खान्यार, रैनावारी, मायसूमा तथा सफाकदल में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रहीं। सरकारी मुलाजिमों को छोड़कर किसी को घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा, कुलगाम, बारामुला तथा सोपोर में भी पाबंदियां रहीं।