कश्मीर में आज मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार ईद-उल-अजहा मनाया जाएगा। ईद के इस पर्व को ध्यान में रखते हुए लगभग कश्मीर के सभी जिलों में प्रशसन ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। ईदगाहों और अन्य बड़ी दरगाहों में सामूहिक नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगाई गई है। जिन मस्जिदों में नमाज पढ़ी जाएगी, वहां भी प्रशासन ने सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा है।
जिला प्रशासन बांदीपोरा ने सुबह 7:30 बजे तक ईद की नमाज की अनुमति दी है। निर्देश में कहा गया है कि किसी भी ईदगाह में नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी, जबकि बाकी मस्जिदों में नमाज के लिए समय निर्धारित किया गया है।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन के हेड डॉ. सलीम ने ईद के अवसर पर सख्ती से दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि केवल वह कसाई कुर्बान भेड़ काटने के लिए घरों में जाए, जिसने वैक्सीन कराया हो क्योंकि ये कोरोना संक्रमण के वाहक बन सकते हैं।
माछिल सेक्टर में बकरीद से पहले सेना ने आयोजित किया ईद-मिलान
पाकिस्तान से लगने वाली एलओसी से सटे माछिल सेक्टर में बकरीद से एक दिन पहले लोगों के साथ खुशियां साझा करने के लिए सेना की माछिल ब्रिगेड ने ईद मिलान कार्यक्रम का आयोजन किया। कमांडर 53 और 56 आरआर के अधिकारियों ने मच्छिल के अवाम को ईद से पहले बधाई दी और उनके साथ उनकी खुशी में शामिल हुए।
उन्होंने एक साथ ईदगाह में नमाज पढ़ी और अमन व शांति के लिए विशेष दुआ मांगी। सेना द्वारा आयोजित भोज में सभी गांववासी शामिल हुए और वाजवान (कश्मीरी रिवायती खाने) का आनंद लिए। बाद में सेना के अधिकारियों ने अवाम को तोहफे बांटे। अनाथ बच्चों में ईदी भी बांटी गई।