कश्मीर में 13 जुलाई को शहीदी दिवस मना तो जम्मू में शहीदी दिवस के विरोध में काला दिवस मनाया गया। जम्मू में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के विभिन्न संगठनों के संयुक्त मंच ज्वाइंट फोरम आफ केपी आर्गेनाइजेशन, महाराजा हरि सिंह सेना के अलावा पैंथर्स पार्टी और विहिप के नेताओं ने भी काला दिवस कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर रियासत में तथाकथित शहीदी दिवस मनाए जाने की परंपरा को बंद करने पर जोर दिया।
प्रेस क्लब के बाहर ज्वाइंट फोरम आफ केपी आर्गेनाइजेशन के धरना प्रदर्शन में पनुन कश्मीर के प्रधान अश्विनी कुमार चुरंगू ने कहा कि 13 जुलाई, 1931 से ही कश्मीर में अलगाववादी और अल्पसंख्यक हिंदू कश्मीरी पंडितों पर जुल्म, हत्याओं और लूटपाट का सिलसिला शुरू हो गया था।
उन्होंने कहा कि इस लूटपाट और हत्याओं के सिलसिले को थामने के लिए महाराजा की फौज को गोली चलानी पड़ी। कश्मीर केंद्रित सियासी दल इसे शहीदी दिवस मनाते हुए और पूरी रियासत में इसे पकर राष्ट्रवादी ताकतों का मनोबल तो कम करते ही हैं, कश्मीरी पंडित विस्थापितों के जख्मों पर नमक भी छिड़कने का काम करते है।
इस अवसर पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर शहीदी दिवस मनाने की कड़ी निंदा की गई और मांग की गई कि 26 अक्तूबर को जम्मू कश्मीर राज्य दिवस मनाया जाए। इस अवसर पर पैंथर्स पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बलवंत सिंह मनकोटिया, विहिप के संरक्षक डा. रमाकांत दुबे, डीएन किसु, उपेंद्र कौल, सरदार प्रेम सिंह, संगठन के प्रवक्ता विरेंद्र रैणा ने भी तथाकथित शहीदी दिवस की परंपरा को बंद करने की मांग की।
महाराजा हरि सिंह सेना ने किया विरोध
महाराजा हरि सिंह प्रतिमा स्थल तवी पुल पर महाराजा हरि सिंह सेना की ओर से सोमवार को कश्मीर में मनाए जाने वाले तथाकथित शहीदी दिवस के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
प्रधान कुंवर सक्षम सिंह ने कहा कि 13 जुलाई, 1931 को कश्मीर में अल्पसंख्यक हिंदुओं के घरों में मार काट और लूटपाट करने वाले लोगों को रोकने के लिए महाराजा हरि सिंह की फौज को गोली चलानी पड़ी।
यह लोग कश्मीर को आजाद करवाने की बातें करते थे। इन लोगों को शहीद कहना और शहीदी दिवस मनाना राष्ट्र भक्त लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में महाराजा हरि सिंह के अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि वह इस तरह के तथाकथित शहीदी दिवस को मनाए जाने की परंपरा को बंद करे नहीं तो इसके गंभीर नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहे।
इस अवसर पर उपप्रधान विशुबदीप सिंह, महासचिव राजदीप सिंह, संदीप जंबाल, जगबीर सिंह, पवन आदि भी मौजूद रहे।
भाजपा ने शहीदी दिवस कार्यक्रमों से किनारा किया
रियासत में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार में शामिल भाजपा ने शहीदी दिवस कार्यक्रमों से खुद को अलग रखा, जबकि पीडीपी ने कश्मीर में शहीदी दिवस कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। भाजपा ने जम्मू में मनाए जाने वाले काला दिवस कार्यक्रमों में भी हिस्सा नहीं लिया।
पैंथर्स पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बलवंत सिंह मनकोटिया ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा रियासत सरकार का हिस्सा है और तथाकथित शहीदी दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू में मनाए जा रहे काला दिवस कार्यक्रमों में भाजपा का हिस्सा न लेना राष्ट्र भक्त लोगों का अपमान है।