ओल्ड जैन बाजार स्थित ज्वैलर्स शाप के मालिक अनिल जैन ने बताया कि सोने और चांदी के भाव में उतार -चढ़ाव के कारण गहनों की खरीदारी कम हो रही है।
लेकिन रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों के लिए सोने और चांदी की राखियां खरीदना पसंद कर रही हैं। सोने और चांदी की विशेष राखियों को दिल्ली, आगरा, कटक, अहमदाबाद, मुंबई से मंगवाया जा गया है।
बाजार शुरु हई रक्षाबंधन की खरीददारी
ईद की खुशियां मनाने के बाद बाजार अब रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस और कृष्ण जन्माष्टमी पर्वों के स्वागत के लिए तैयार है। अगस्त में आने वाले दिनों में एक साथ कई त्योहारों के आने से खरीदारी में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है।
इन त्योहारों से जुड़े सामानों से बाजार पट गए हैं। खरीदारों को लुभाने के लिए दुकानदार सजावट में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि ईद के बाद इन त्योहारों पर भी अच्छा कारोबार होगा।
रक्षाबंधन, कृष्ण जन्माष्टमी और स्वतंत्रता दिवस के कारोबार के लिए बाजार सजने लगे हैं। मोती बाजार स्थित होलसेल विक्रेता संजय गुप्ता और राजीव गुप्ता ने बताया कि लोग रक्षाबंधन और कृष्ण जन्माष्टमी से जुड़े सामानों की खरीदारी करने में अभी से जुट गए हैं।
मंहगाई की मार त्योहार पर भी
श्री कृष्ण के कपड़े, पंगूड़े, साज सज्जा और स्वतंत्रता दिवस के लिए तिरंगे और अन्य सामानों के दाम सिर्फ पांच प्रतिशत तक ही बढ़े हैं।
पतंगों का व्यवसाय करने वाले पक्का डंगा के सुरेश गुड्डी ने बताया कि रक्षाबंधन तथा श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर पतंग और डोर की मांग ज्यादा रहती है। दूसरे राज्यों से पतंग और डोर मंगवाने के कारण दोनों चीजों के दाम बढ़ जाते हैं।
पिछले साल के मुकाबले इस बार दाम बीस से पच्चीस फीसदी तक बढ़े हैं। इसमें एक रुपये से लेकर बड़े स्तर पर पतंगे उपलब्ध होती हैं। पांच से दस रुपये की डोर से लेकर महंगी डोर भी उपलब्ध रहती है।