गवर्नमेंट मेडिकल कालेज अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते एक युवक मरने के बाद भी जीएमसी पुलिस चौकी के रिकार्ड में जिंदा है। मृतक की विधवा को यह खबर मिली तो उसने पति की मौत के लिए ससुरालियों को जिम्मेदार ठहराया।
पत्नी द्वारा लगाए आरोपों के बाद पुलिस हरकत में आई और शव का पोस्टमार्टम करवाना चाहा, लेकिन पता चला कि परिवार के सदस्य शव को संस्कार के लिए श्मशानघाट ले गए। अफरातफरी में पुलिस मौके पर पहुंची तो शव की बजाय राख हाथ लगी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक मीरां साहिब निवासी साहिब सिंह (26) ने पंद्रह दिसंबर को जहर निगल लिया था, इससे उसकी हालत खराब होने पर आरएस पुरा अस्पताल में दाखिल क रवाया गया था।
वहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद साहिब की हालत गंभीर देखते हुए उसे जीएमसी रेफर कर दिया। पंद्रह दिसंबर की दोपहर 12:10 साहिब को जीएमसी में दाखिल करवाया। 16 दिसंबर की तड़के तीन बजे साहिब सिंह जीएमसी में इलाज के दौरान मौत हो गई।