जम्मू कश्मीर में 5743 रोहिंग्या जम्मू और सांबा इलाके में रहते हैं। तीन मदरसों की ओर से इन्हें सहायता प्रदान की जाती है। नरवाल बाला, गोल मस्जिद और बाड़ी ब्राह्मणा रेलवे स्टेशन के पास चल रहे इन मदरसों में 24 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें स्थानीय शिक्षकों के साथ ही म्यांमार के भी लोग हैं।
विधायक सत शर्मा के प्रश्न के लिखित जवाब में गृह मंत्री की ओर से बताया गया कि रियासत में रोहिंग्या अपने से आए हैं और विभिन्न स्थानों पर रह रहे हैं। 322 विदेशी रियासत में रहते हैं। 38 रोहिंग्याओं के खिलाफ 17 प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
शखावत, एसआर इंस्टीट्यूट आफ डेवलपमेंट, दाजी और सेव द चिल्ड्रेन सामाजिक संस्थाओं की ओर से रोहिंग्याओं की मदद की जाती है। सरकार की ओर से इनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाती है।