अल्ताफ बुखारी ने कहा कि सज्जाद लोन एक नई सोच के साथ राजनीति में एक नए युग का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पुराने राजनेताओं को इस नई दृष्टि को जड़ें जमाने के लिए राजनीति से संन्यास लेने पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों ने तीन उम्मीदवारों को संसद में भेजा, लेकिन 370 हटाए जाने पर किसी ने भी संसद से इस्तीफा नहीं दिया। आज वे वादा करेंगे कि वे आने वाले समय में ऐसा करेंगे, लेकिन क्या उन्होंने पिछले पांच वर्षों में ऐसा किया होता।
उन्होंने आगे कहा कि उनकी लड़ाई राज्य के दर्जे की बहाली और नौकरी और भूमि अधिकारों की बहाली के लिए है। बुखारी ने जेलों में बंद युवाओं की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की और कहा कि कुछ को रिहा कर दिया गया है और कई अभी भी कैद में हैं और वे उनकी रिहाई सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।
उत्तरी कश्मीर की बारामुला सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे लोन ने दावा किया कि वोटों के बिखराव से नेशनल कॉन्फ्रेंस को फायदा मिलना था। लोन ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में अल्ताफ बुखारी से अपील समर्थन की अपील की थी। समर्थन मिल जाने पर आज उन्होंने इसके लिए आभार जताया है।