मंदिरों का शहर जम्मू धनतेरस तथा दिवाली पर भी कूड़ों के ढेर से पटा रहेगा। कारण नगर निगम की ओर से कूड़ा निस्तारण के लिए अलग इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो कोई टीम बनाई गई है और न ही कार्ययोजना। दिवाली पर पटाखों-बमों के अवशेष तथा घरों और दुकानों से फूल-माला के रूप में 150 गाड़ी अतिरिक्त कूड़ा निकलने का अनुमान लगाया गया है।
यह रोजाना निकलने वाले कूड़े का दोगुना होगा। अब तक नगर निगम रोजाना निकलने वाले कूड़े का ही समुचित प्रबंध नहीं कर पा रहा है तो अतिरिक्त कूड़ों से पूरे शहर के गंदगी के ढेर में तब्दील होने की आशंका है। शहर में सफाई व्यवस्था हमेशा से बदनुमा दाग रही है। नगर निगम के अधीन आने वाले 71 वार्ड में साफ-सफाई के लिए लगभग 1850 सफाई कर्मचारी हैं।
इसके अलावा आउटसोर्सिंग कर भी सफाई कर्मियों की सेवाएं ली जा रही हैं। कलेक्शन केंद्र न होने के कारण अस्पतालों के बाहर तक कलेक्शन प्वाइंट बनाकर रखे गए हैं। नगर निगम के तमाम प्रयासों के बाद भी जगह-जगह कूड़ा कचरा पटा हुआ है। सरवाल अस्पताल का मुख्य गेट, कब्रिस्तान से गुजरने वाली प्रमुख सड़क, कच्ची छावनी में गिरधारी चाट हाउस वाली गली आदि स्थानों पर गंदगी का अंबार है।
इसके बाद भी धनतेरस और दिवाली पर अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए गए। कुछ दिन पहले तक जो नगर निगम नाइट शिफ्ट में शहर की सफाई के लिए टेंडर देने की बात कर रहा था वह अब दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी कोई खास इंतजाम न किए जाने की बात कर रहा है। हेल्थ अफसर का कहना है कि फिलहाल सफाई के लिए कोई विशेष टीम गठित नहीं की गई है। सफाईकर्मी रुटीन की ही तरह कामकाज निबटाएंगे।