राज्य की 11वीं विधानसभा का 12वां और आखिरी छह दिन का संक्षिप्त सत्र सियासी और संवैधानिक औपचारिकता तक ही सीमित रहा। विधानसभा चुनाव निकट होने की वजह से तीन महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए।
भूमि घोटाला, पाकिस्तानी फायरिंग और खित्तों के बीच भेदभाव के मुद्दे छाए रहे। विधान परिषद में पाकिस्तान से वार्ता शुरू करने की मांग पर प्रस्ताव पारित हुआ।
इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अनुपस्थिति भी सियासी दलों को खली। हालांकि सत्र के समापन अवसर और समारोह में उमर ने शिरकत की।
आरक्षण एक्ट में संशोधन कर आरक्षण का रास्ता साफ
जम्मू के विधायकों की मांग पर अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर पाकिस्तानी फायरिंग से पीड़ित लोगों के मसलों पर चर्चा की मांग विधानसभा में अस्वीकार हुई।
विधानपरिषद में इसके विपरीत भारत-पाक वार्ता शुरू करने की केंद्र से मांग पर प्रस्ताव पारित हुआ। विधानसभा चुनाव नजदीक होने की वजह से जम्मू कश्मीर आरक्षण एक्ट में संशोधन कर पहाड़ी भाषियों के लिए आरक्षण का रास्ता साफ हुआ।
इसके अलावा अदर सोशल कास्ट श्रेणी के लोगों के लिए आरक्षण की सीमा को दो फीसदी से बढ़ाकर चार फीसदी कर दिया गया। जम्मू कश्मीर वाटर रेगुलेटरी प्रबंधन विधेयक और फार्मेसी एक्ट में भी संशोधन हुए।
पीडीपी ने दिखाए तेवर
अमूमन फ्रंट फुट पर रहने वाले विपक्षी दल पीडीपी के विधायक बैकफुट पर रहे। खासकर नेकां ने रणनीति के तहत भूमि घोटाले का मुद्दा उठाकर डिप्टी स्पीकर सरताज मदनी को विधानसभा के अलावा विधान परिषद में कटघरे में खड़ा किया।
विधान परिषद चेयरमैन ने इस मुद्दे पर मुख्य सचिव और विधानसभा के स्पीकर ने क्राइम ब्रांच के आईजी को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा।
जाहिर तौर पर पीडीपी को महबूबा मुफ्ती और मुजफ्फर हुसैन बेग के लोकसभा में चले जाने की कमी खली। इसी प्रकार भाजपा विधायकों के खेमे में प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा के भी लोकसभा में चुने जाने की कमी खली।
पैंथर्स विधायकों ने कराया अपनी नुमाइंदगी का अहसास
हालांकि जस्मो से भाजपा में शमिल हुए विधायक अश्विनी शर्मा ने अहम मुद्दे उठाए। पैंथर्स विधायकों ने भी जम्मू से भेदभाव के मुद्दों को उठाकर अपनी नुमाइंदगी का अहसास कराया।
विधेयक पारित करने में सरकारी मनमानी रोकने के लिए पैंथर्स विधायक दल नेता हर्ष देव सिंह और सीपीएम विधायक एमवाई तारीगामी ने हमेशा की तरफ अपनी भूमिका अदा की।
अब बर्ष 2015 में नई हुकूमत और अवाम द्वारा विधानसभा चुनाव में चुने जाने वाले नए और पुराने चेहरों के साथ 11वीं विधानसभा का पहला बजट सत्र जम्मू में होगा।