अंतिम चरण के चुनाव की 20 सीटें सरकार के स्वरूप का फैसला करेंगी। विधानसभा चुनाव के इसी चरण पर कांग्रेस और भाजपा की उम्मीदें टिकीं हैं। जम्मू, कठुआ और राजोरी जिले की इन सीटों पर नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी का प्रभाव कुछ खास इलाकों तक ही सीमित रहा है।
इन बीस सीटों पर ही भाजपा के मिशन 44 प्लस का भी भविष्य टिका है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चरण के लिए क्षेत्रीय भेदभाव का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। कांग्रेस उपाध्यक्ष के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी इन सीटों में ताकत झोंकी।
नेकां की ओर से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी के मुफ्ती मोहम्मद भी पूरा जोर लगा चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को बीस में 11 सीटें मिलीं थीं। बाद में बिश्नाह के विधायक अश्विनी शर्मा भी भाजपा में शामिल हो गए और भाजपा 12 सीटों पर काबिज हो गईं। हालांकि इससे पहले की सियासी कथा भाजपा के लिए सुखद नहीं रही।
भारी न पड़े भाजपा में बगावत
विधान परिषद के चुनाव में क्रास वोटिंग के आरोप में भाजपा ने अपने सात विधायकों को निलंबित कर दिया था। चुनाव से ऐन पहले इन विधायकों की पार्टी में बिना शर्त्त वापसी हुई लेकिन आलोचना के कारण उन्हें टिकट नहीं दिए गए। यह फैसला कुछ क्षेत्रों में बगावत का कारण भी बना।
भाजपा विधायक जगदीश सपोलिया टिकट नहीं मिलने के बाद कांग्रेस में शामिल होकर बसोहली में भाजपा के लिए चुनौती बने हैं। बनी से लालचंद बागी होकर निर्दलीय के रूप में मैदान में हैं। भाजपा ने नए चेहरों पर दांव आजमाया है। विधायक दल के नेता अशोक खजूरिया का टिकट काटकर जम्मू पूर्व विधानसभा क्षेत्र से राजेश गुप्ता को टिकट दिया गया।
इसी तरह रायपुर दोमाना से भारत भूषण का टिकट काटकर बालि भगत को, आरएसपुरा में गारू राम का टिकट काटकर गगन भगत को मैदान में उतारा। जम्मू वेस्ट सीट पहले चमनलाल गुप्ता के कब्जे में थी। यहां से अब सत शर्मा उम्मीदवार हैं। गांधीनगर सीट पर भी इस बार भाजपा ने उम्मीदवार बदला है। पिछली बार निर्मल सिंह थे और अब कवीन्द्र गुप्ता हैं।
आमने-सामने होंगे कई दिग्गज
इस चरण में छंब सीट पर उपमुख्यमंत्री तारचंद को भाजपा के किशनलाल से कड़ी चुनौती मिल रही है। इसी तरह अखनूर में पीएचई मंत्री शाम लाल शर्मा के मुकाबले में भाजपा के राजीव शर्मा मैदान में हैं। गांधीनगर में आवास मंत्री रमन भल्ला को भाजपा से चुनौती मिल रही है।
बिलावर में सहकारिता राज्य मंत्री मनोहर लाल शर्मा और मढ़ में योजना मंत्री अजय सडोत्रा को भी भाजपा से ही चुनौती है। नगरौटा में नेकां के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र राणा को सांसद जुगल किशोर शर्मा के भाई नंद किशोर शर्मा के मुकाबले मेहनत करनी पड़ रही है।
कांग्रेस के पूर्व मंत्री आरएस चिब को सुचेतगढ़ में और आरएसपुरा में सुमन भगत भी भाजपा से ही भिड़ रहीं हैं। आरएसपुरा में एक और पूर्व मंत्री बीआर कुंडल निर्दलीय के रूप में मैदान में हैं।
कश्मीर की 46 जम्मू संभाग की 17 और लद्दाख की चार सीटों पर मतदान हो चुका है। इसलिए सभी सियासी दलों की किस्मत अब बीस सीटों पर ही टिकी है।