अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक एंव अन्य
- फोटो : वीडियो ग्रैब
सोनम वांगचुक के पश्मीना मार्च से दो दिन पहले लगी 144
लद्दाख के लिए पूर्ण राज्य और संविधान की छठी सूची में इसे शामल करने को लेकर आंदोलनरत पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के सात अप्रैल को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में पश्मीना मार्च निकालने से दो दिन पहले लेह में धारा 144 लगाई गई है। सोनम वांगचुक की 21 दिनों की भूख हड़ताल 27 मार्च को समाप्त हुई थी।
इसके बाद महिलाओं के एक समूह के साथ 10 दिनों की भूख हड़ताल शुरू की है। महिलाओं के बाद युवा अनशन पर बैठेंगे। इसी बीच पश्मीना मार्च का आह्वान किया गया है। वांगचुक एक बार शुक्रवार को लेह में अनशन स्थल पर पहुंचे हैं। यहां से सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि प्रशासन की तरफ से आंदोलनकारियों को डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोगों का आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। ऐसे में लोगों को डराने के बजाय सरकार को चाहिए कि वे उनकी मांगों को पूरा करे। उन्होंने कहा कि इन मांगों को भाजपा ने घोषणा पत्र में भी शामिल किया था।