कश्मीरी पंडितों और सरकार के बीच कौसरनाग यात्रा को लेकर उठा विवाद अभी थमा नहीं है। कश्मीरी पंडितों के संगठन आल पंडित माइग्रेंट कोआर्र्डिनेशन कमेटी(एपीएमसीसी) ने एक बार फिर सरकार से यात्रा की अनुमति की मांग करते हुए कुलगाम के जिला उपायुक्त को लिखित अर्जी दी है और साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृहमंत्री को भी इसकी प्रतियां भेजी हैं।
कौसरनाग यात्रा का विवाद अभी थमा नहीं है। उसके फिर से तूल पकड़ने की आशंका बढ़ गई है। यह विवाद पहले भी समाचार पत्रों की सुर्खियां बन चुका है और इसकी गूंज लोकसभा में भी सुनाई दी थी।
कश्मीरी पंडितों द्वारा परंपरागत मार्ग से यात्रा करने की मांग के बाद कई अलगाववादी सगंठन इसके विरोध में आ गए थे, जिसके बाद कुलगाम जिला प्रशासन ने दी गई अनुमति रद्द कर दी थी।
पूर्व में विवाद के चलते रद हुई थी अनुमति
अब यह मामला फिर से तूल पकड़ता नजर आने लगा है। कश्मीरी पंडितों ने कुलगाम जिला प्रशासन से लिखित अर्जी देकर यात्रा पर जाने की अनुमति मांगी है और इसकी प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय तथा केंद्रीय गृहमंत्री को भी भेजी है।
इसकी पुष्टि एपीएमसीसी की ओर से भी की गई है। एपीएमसीसी के प्रधान विनोद पंडित के अनुसार कुलगाम जिला प्रशासन से यात्रा के लिए अनुमति हासिल करने के लिए वहां के जिला उपायुक्त को मंगलवार को लिखित अर्जी दी गई है।
इसमें केवल बीस कश्मीरी श्रद्धालुओं को पवित्र स्थल कौसरनाग जाने की अनुमति देने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि वैसे तो देश के किसी भी स्थान पर किसी धर्म के लोगों के लिए धार्मिक स्थल पर जाने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं रहती, लेकिन जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए हमें अनुमित के लिए स्थानीय प्रशासन से मांग करनी पड़ी है।
संगठन ने 20 लोगों के लिए मांगी अनुमति
हमने प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री डा. जितेंद्र सिंह तथा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के अलावा राज्य के मुख्यमंत्री को भी इसकी प्रतियां भेजी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी यह मांग स्थानीय प्रशासन एक बार ठुकरा चुका है और हम चाहते हैं कि इस बार ऐसा ना हो।
हम सरकार से अधिक कुछ नहीं चाहते केवल अनुमति हासिल कर सुरक्षा की मांग करते हैं। हमने सरकार से यह भी मांग की थी कि अगर हमें पैदल यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती तो वह हमारे चंद लोगों को हेलिकॉप्टर की सेवा मुहैया करवा कर वहां ले जाए। यह कश्मीरी समाज का इस धार्मिक स्थल के साथ जुड़ा आस्था का विषय है।