साइबर सिटी में रह रहे कश्मीरी पंडित अब वापसी को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जो लोग घर वापसी की बात कर रहे हैं, उसे वहां के वास्तविक हालात की जानकारी नहीं है।
आज केंद्र में भाजपा सरकार है और जम्मू-कश्मीर में उसकी समर्थित सरकार है। कल को स्थिति ऐसी नहीं रही तो फिर वही समस्या पैदा हो जाएगी। इसी वजह से पंडितों को पलायन करना पड़ा था।
कश्मीरी पंडितों की घर वापसी को लेकर देश में कई प्रकार की बातें सुनने को मिल रही हैं। कोई वहां स्मार्ट सिटी तो कोई अलग टाउनशिप की बात कर रहा है।
यही नहीं ऐसे भी मत आ रहे हैं कि पंडित वापस आकर सभी के साथ रहे, इससे सामाजिक समरसता और धर्म निरपेक्षता की भावना पनपेगी।