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जश्न-ए-सेहत: जम्मू कश्मीर में 2030 तक ऐसी व्यवस्था होगी, मरीज को कतार नहीं लगानी होगी - LG

Sat, 05 Nov 2022 01:52 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

उपराज्यपाल ने कहा कि विवेकपूर्ण नीति ने हमें स्वास्थ्य देखभाल क्षमताओं में अंतराल को भरने और अमीर व गरीब के बीच असमानता को मिटाने में मदद की है।
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LG Manoj Sinha - फोटो : ANI
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विस्तार
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए स्वास्थ्य का अधिकार हमारी प्रतिबद्धता है। यह सुनिश्चित किया गया है कि चिकित्सा की आवश्यकता वाले प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मान व्यवहार किया जाए। प्रदेश में  में 2030 तक ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था कर दी जाएगी, जिसमें मरीजों को कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। उपराज्यपाल शुक्रवार को कन्वेंशन सेंटर जम्मू में दो दिवसीय स्वास्थ्य सम्मेलन जश्न-ए-सेहत में बोल रहे थे। 
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उन्होंने कहा कि पिछले 67 वर्षों से जम्मू-कश्मीर के लोग स्वास्थ्य सेवाओं में उपेक्षा झेल रहे थे। यहां कोई सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना नहीं थी। प्रदेश के 77 लाख से अधिक लोगों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए हैं। अब तक 6 लाख लाभार्थियों को एबीपीएमजेएवाई-सेहत योजना के तहत निशुल्क और कैशलेस उपचार प्रदान किया गया है। प्रदेश के 92 प्रतिशत परिवारों के पास कम से कम एक आयुष्मान कार्ड है। 

उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिर सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए मूलभूत है। विवेकपूर्ण नीति ने हमें स्वास्थ्य देखभाल क्षमताओं में अंतराल को भरने और अमीर व गरीब के बीच असमानता को मिटाने में मदद की है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वित्तीय कठिनाई के बिना स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित की गई है। जम्मू कश्मीर में आयुष्मान सेहत योजना में लगभग 1000 लोग स्वास्थ्य गोल्डन कार्ड का उपयोग करके दैनिक ढाई करोड़ रुपये तक का निशुल्क इलाज पा रहे हैं। 
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प्रदेश में दो एम्स, दो राज्य कैंसर संस्थान, दो हड्डी व जोड़ अस्पताल, 300 से अधिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और सात नए मेडिकल कालेजों पर काम चल रहा है। पिछले तीन वर्षों में 2742 स्वास्थ्य व आरोग्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। लोगों को 207 उन्नत लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस और 286 बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस को स्वास्थ्य देखभाल के लिए समर्पित किया गया है। लोग अधिक से अधिक आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली का उपयोग करें और सुधार के लिए आलोचना के बजाय बेहतर फीडबैक दें।  केरल की आबादी तीन करोड़ 86 लाख है और वहां पिछले वित्तीय वर्ष 9967 करोड़ का स्वास्थ्य बजट रहा, जबकि प्रदेश की आबादी दो करोड़ से कम है, लेकिन यहां का स्वास्थ्य बजट 7873 करोड़ रुपये का दिया गया। 

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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अफसर सम्मानित

इससे पूर्व उप राज्यपाल ने स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं के कार्यान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिले के उपायुक्तों, सीएमओ, सार्वजनिक व निजी क्षेत्र के अस्पतालों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. आरएस शर्मा ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत 28000 अस्पताल पैनल में हैं। एबी डिजिटल मिशन में लोग चिकित्सा इतिहास और टीकाकरण डेटा का रिकार्ड डिजिटल रूप में रख सकते हैं। इस दौरान मेयर राजेंद्र शर्मा, स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव भूपेंद्र कुमार, मंडलायुक्त रमेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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