सिर्फ भाजपा से नहीं, पूरे तंत्र से लड़ाई थी
एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष और बिश्नाह से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले नीरज कुंदन पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे। वे 37 हजार के करीब वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे। नीरज अपनी हार पर कहते हैं कि उनकी लड़ाई सिर्फ भाजपा से नहीं थी। पूरा तंत्र उनके खिलाफ था। भाजपा की तरफ से हिंदू सीएम का झूठा वादा लोगों से किया गया। लोगों के बीच पैसा और शराब बंटे।