जम्मू-कश्मीर में सर्दी के मौसम में सूखे का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक हफ्ते तक भी बारिश के आसार नहीं हैं। लिहाजा प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है। शुष्क मौसम का सबसे अधिक असर गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। इस समय गेहूं को पानी की जरूरत है। अभी तक कोहरे की ओस से कुछ काम चल रहा है, लेकिन एक हफ्ते या फिर दस दिन तक बारिश नहीं हुई तो फसल पीली पड़ने लगेगी, इससे पैदावार पर असर पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 के बाद पहली बार जनवरी के पहले 14 दिनों तक बारिश नहीं हुई है। जबकि अमूमन लोहड़ी, मक्कर संक्रांति पर बारिश होती थी। अब अगली उम्मीद 26 जनवरी के आसपास है। मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस का कहना है कि अगले एक हफ्ते तक बारिश के आसार नहीं है। न ही कश्मीर में बर्फबारी का अनुमान है। कश्मीर में तो बिल्कुल भी बर्फबारी नहीं हुई है। यदि ऐसे ही हालत रहे तो सूखा पड़ जाएगा।
लिक्वेड स्प्रे करें किसान
शेरे कश्मीर कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय के रिसर्च विभाग के पूर्व निदेशक जेपी शर्मा का कहना है कि अभी एक हफ्ता और फसलें इस तरह के मौसम की मार झेल सकती हैं। खासकर गेहूं की फसल पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन एक हफ्ते तक पानी मिलना जरूरी है। इसके बाद फसल पीली पड़ने लगेगी। लिहाजा कुछ लिक्वेड स्प्रे हैं, जो एक बार छिड़काव करने पर दस दिन तक फसलों में नमी का काम करती हैं।
नहरों में पानी नहीं
बता दें कि इस समय नहरों में पानी भी नहीं है। जम्मू संभाग में 3 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगी हुई है। इसमें से 25 फीसदी क्षेत्र ही ऐसा है, यहां नहरों का पानी पहुंचता है। बाकी का बारिश के पानी पर निर्भर करता है।