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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में पुनर्गठित होंगी गांव सुरक्षा समितियां, मानदेय का रास्ता भी साफ, वीडीसी की जगह अब वीडीजी होगा नाम 

Wed, 02 Mar 2022 11:02 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में वीडीसी सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद मंत्रालय के अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है। अगले कुछ दिनों में आदेश जारी होने की उम्मीद है। 
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गृहमंत्री अमित शाह से मिलते जनप्रतिनिधि - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के दौर में हिंदुओं तथा अल्पसंख्यक मुस्लिमों की सुरक्षा के लिए गठित गांव सुरक्षा समिति (वीडीसी) का जल्द ही पुनर्गठन होगा। अब इसका नाम बदलकर गांव सुरक्षा समूह (विलेज डिफेंस ग्रुप-वीडीजी) हो जाएगा। दरअसल वीडीसी पिछले दो साल से लगभग मृतप्राय हो गई थी। समिति के सदस्यों को वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा था।

अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में वीडीसी सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद मंत्रालय के अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है। अगले कुछ दिनों में आदेश जारी होने की उम्मीद है। 

नियमित रूप से मानदेय का भुगतान न होने से परेशानी 

मंगलवार को नई दिल्ली में वीडीसी तथा ढोक सुरक्षा समिति (डीडीसी) के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से मानदेय का भुगतान न होने की वजह से उनके समक्ष आर्थिक परेशानियां आ रही हैं। दो साल से मानदेय का बिल्कुल भी भुगतान नहीं हुआ है।

कई सदस्यों ने परेशान होकर पद भी छोड़ दिया

नियमितीकरण की आस में कई सदस्य सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। कई सदस्यों ने परेशान होकर पद भी छोड़ दिया है। गृह मंत्री ने उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का भरोसा दिया। भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुनील शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मिला। 

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इसमें उधमपुर के वीडीसी ठाकुर बसंत राज, नरिंदर कोतवाल व मोहन लाल, कठुआ के उत्तम चंद, सांबा के सुरेश कुमार, डोडा के सुरेश कुमार, पाडर के प्रतीक कुमार, चुन्नी लाल, अमर चंद व जोगिंदर कुमार शामिल रहे। 

सबसे पहले चिनाब वैली में गठित हुई थी वीडीसी

आतंकवाद के दौर में सबसे पहले चिनाब वैली में वीडीसी का गठन किया गया था ताकि दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में हिंदुओं की आतंकियों से रक्षा की जा सके। वीडीसी में ग्रामीणों के साथ ही एसपीओ भी शामिल रहे।

जून 2020 में कश्मीरी हिंदू सरपंच की हत्या के बाद तत्कालीन डीजीपी डॉ. एसपी वैद ने कहा था कि हिंदू व अल्पसंख्यक मुस्लिमों को हथियारों से लैस करते हुए वीडीसी को योजनाबद्ध तरीके से गठित किया जाए। डॉ. वैद ने एसपी रहते हुए पहली वीडीसी का गठन उधमपुर के बगनकोट गांव में किया था। यह गांव अब रियासी जिले में है। 

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